जो गो हत्या नहीं रोक पाए, वो हैं कालनेमि, सीएम योगी के बयान पर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
सीएम योगी के बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता में रहकर गोहत्या नहीं रोक पाए वो नकली सनातनी और कालनेमि हैं। हम तो गोहत्या रोकने की बात कह रहे हैं।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जो लोग सत्ता में रहकर गोहत्या नहीं रोक पाए वो नकली सनातनी और कालनेमि हैं। हम तो गोहत्या रोकने की बात कह रहे हैं। इसीलिए दोषी बताए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से दी गई नोटिस के संबंध में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह पहली बार यहां नहीं आए हैं, सालों से मेला में आ रहे हैं। प्रशासन ने जब जमीन और सुविधा दी थी तब क्या सोचकर दी थी। वैसे तो हमारे यहां परंपरा नहीं है कि जो सुविधा दी जाए, उसे काम पूरा होने से पहले लिया जाए। लेकिन अगर प्रशासन चाहे तो सुविधा वापस ले ले। हम तो शिविर में रह ही नहीं रहे हैं। जो करना है करें, वक्तव्य वीर न बनें।
सीएम योगी ने दिया था ये बयान
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बयान आया जिसमें उन्होंने कहा कि संत के लिए धर्म से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता है। साधु-सन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र सर्वोपरि होते हैं। उसकी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी भी कुछ नहीं होती है। धर्म ही उसकी प्रॉपर्टी होती है। राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे कालनेमि होंगे जो धर्म की आड़ लेकर सनातन को कमजोर कर रहे हैं। धर्म के खिलाफ आचरण करने वाला सनातन परंपरा का प्रतिनिधि नहीं हो सकता है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से केशव ने की अपील
इसके बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच चल रहे विवाद के बीच डिप्टी सीएम केशव मौर्य का अहम बयान आया है। उन्होंने शंकराचार्य से विवाद खत्म कर स्नान करने का आग्रह किया है। माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन पहिया लगी पालकी से संगम स्नान के लिए जाने से रोकने पर विवाद खड़ा हुआ है। गुरुवार को आजमगढ़ में समीक्षा बैठक के अलावा अन्य कार्यक्रमों में पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- पूज्य शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम है। उनसे प्रार्थना है कि बढ़िया स्नान करें। इस विषय का यहीं समापन करें, ऐसा आग्रह है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी अधिकारी दोषी मिलेगा, उस पर कार्रवाई होगी।




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