यूपी की इस यूनिवर्सिटी के बाबू एसआईटी के रडार पर, फर्जी डिग्री केस में हो सकता है ऐक्शन
पुलिस को नौ राज्यों की 15 यूनिवर्सिटी से जुड़ीं 900 से अधिक डिग्रियां, माइग्रेशन व अन्य प्रमाण पत्र मिले थे। इस मामले में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ASCP योगेश कुमार के नेतृत्व में 14 सदस्यीय एसआईटी गठित की। एसआईटी ने सोमवार को सीएसजेएमयू में जांच पड़ताल की थी।

फर्जी डिग्री मामले में कानपुर के सीएसजेएमयू के बाबू एसआईटी के रडार पर हैं। एसआईटी ने सोमवार को विश्वविद्यालय प्रबंधन से कार्यरत सभी बाबुओं की डिटेल मांगी है। इसके साथ ही बरामद डिग्रियों से जुड़े छात्रों की पूरी डिटेल भी मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक डिटेल आने के बाद ही सभी 357 डिग्रियों का सत्यापन होगा। वहीं एसआईटी की अलग-अलग पांच टीमों को दूसरे प्रदेशों की यूनिवर्सिटी में भेजा गया है।
किदवई नगर पुलिस ने गोशाला चौराहा स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में दबिश देकर चार युवकों को फर्जी डिग्रियों के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस को नौ राज्यों की 15 यूनिवर्सिटी से जुड़ीं 900 से अधिक डिग्रियां, माइग्रेशन व अन्य प्रमाण पत्र मिले थे। इस मामले में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने एडीसीपी योगेश कुमार के नेतृत्व में 14 सदस्यीय एसआईटी गठित की। एसआईटी ने सोमवार को सीएसजेएमयू में जांच पड़ताल की थी। अधिकारियों के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रबंधन से बाबुओं की डिटेल मांगी गई है। शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन से बरामद सीएसजेएमयू से जुड़ी 357 डिग्रियों व अन्य प्रमाण पत्र जिन छात्रों के नाम पर हैं, उनकी भी डिटेल मांगी है।
सबको बंटे थे काम
डिग्री बनाने के मास्टर माइंड शैलेंद्र कुमार ओझा ने सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दे रखी थीं। अश्वनी को मेडिकल की डिग्रियां तैयार कराने का काम सौंपा था जबकि नागेंद्र बीकॉम, बीएससी, एमएससी की डिग्रियां बनवाता था।
चार गए जेल, पांच की तलाश
मास्टर माइंड शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र और अश्वनी कुमार सिंह को किदवई नगर पुलिस ने जेल भेजा था जबकि गैंग से जुड़े छतरपुर निवासी मयंक भारद्वाज, हैदराबाद निवासी मनीष उर्फ रवि, गाजियाबाद निवासी विनीत, भोपाल निवासी शेखू, शुभम की तलाश है।
क्या बोले अधिकारी
अपराध और मुख्यालय के जेसीपी संकल्प शर्मा ने बताया कि एसआईटी की पांच टीमें बाहर भेजी गई हैं। सीएसजेएमयू से बाबुओं और छात्रों की डिटेल मांगी गई है। सीडीआर में शैलेंद्र और उसके गैंग से जुड़े लोगों का आपसी कनेक्शन मिला है।




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