यूपी के इस जिले में 800 और मंडल में होंगे 140 होमस्टे, घरों के खाली कमरों को दे सकेंगे किराये पर
यूपी की राजधानी लखनऊ में में 800 होमस्टे इस वर्ष खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मंडल के लखीमपुर खीरी में 30, सीतापुर में 50, उन्नाव, रायबरेली और हरदोई में 20-20 होमस्टे के लिए आवेदन मांगें गए हैं। घरों के खाली कमरों को लोग किराये पर दे सकेंगे।

योगी सरकार के पर्यटन विभाग की होमस्टे नीति आम लोगों के लिए कमाई का जरिया बन रहा हैं। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड एवंड ब्रेकफास्ट के तहत लोग अपने घरों के खाली कमरों को किराये पर दे सकते हैं। इस नीति के तहत लखनऊ में 800 होमस्टे इस वर्ष खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मंडल के लखीमपुर खीरी में 30, सीतापुर में 50, उन्नाव, रायबरेली और हरदोई में 20-20 होमस्टे के लिए आवेदन मांगें गए हैं। यूपी टूरिज्म पोर्टल की साइट पर इसका रजिस्ट्रेशन भी चल रहा है।
अभी तक लखनऊ में 53 आवेदन में 20 आवेदनों पर मंजूरी देते हुए प्रमाण पत्र जारी किया गया। यह योजना का मकसद आम परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, जिन लोगों के पास अतिरिक्त कमरें हैं, वे अब उन्हें पर्यटकों को देकर हर दिन कमाई कर सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ रहा है। दो से छह यानी 12 बेड के लिए यूपी टूरिज्म पोर्टल की वेबसाइट up-tourismportal.in पर पंजीकरण शुरू हो गया है। इससे लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही इसके साथ पयर्टकों को भी सुविधा मिलेगा। शहर आने वाले पयर्टकों को आसानी से रुकने के लिए कमरे मिल सकेगा।
मंत्री बोले-एक लाख से ज्यादा किराये पर कमरों की जरूरत
योगी सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत 1 लाख से अधिक कमरों की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को घर के पास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय बढ़ रही है।
1700 लोगों ने किराये पर कमरा देने के लिए पंजीकरण कराया
होमस्टे योजना के तहत लखनऊ समेत प्रदेश में 18 फरवरी 2026 तक 1700 से अधिक लोगों ने अपने घरों को किराये के लिए पंजीकृत कराया है, जिनमें से करीब 700 होमस्टे को प्रमाणपत्र मिल चुके हैं। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि अब आम लोग भी पर्यटन से जुड़कर अपने घरों को आय का नया स्रोत बना रहे हैं।




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