‘मोंथा’ के असर से यूपी में बदला मौसम, इस जिलों में बारिश, पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस तक गिरा
बंगाल की खाड़ी में आए मोंथा तूफान का असर यूपी पहुंच गया है। वाराणसी समेत कई जिलों में बारिश शुरू हो गई है। ज्यादातर जिलों में तापमान गिर गया है। उरई में तो दिन का तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।

बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान ‘मोंथा’ और अरब सागर में बने हवा के अवदाब से यूपी में मौसम अचानक बदल गया है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उरई में 9.8 डिग्री तक दिन का तापमान नीचे आ गया। प्रदेश के 26 शहरों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने पूर्वांचल में 29 से 31 अक्तूबर के बीच बारिश का अलर्ट जारी किया है। देर शाम वाराणसी समेत आसपास के जिलों में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इससे घाट पर उगते सूर्य को अर्ध्य का इंतजार कर रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसर पूर्व-मध्य अरब सागर पर बने अवदाब और दक्षिणी गुजरात से पश्चिमी मध्य प्रदेश तक फैली द्रोणी के असर से उत्तर प्रदेश में बादलों की घनी चादर बिछ गई। इसकी वजह से कई जिलों में दिन का तापमान काफी नीचे आ गया। कई जिलों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश भी हुई, जिससे पूरे प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से काफी नीचे चला गया।
बरसात से किसानों की बढ़ी चिंता, धान-मटर की फसल को भारी नुकसान
सोमवार को हुई बरसात ने जहां आम लोगों को ठंडक का अहसास कराया, वहीं किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जालौन में जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि बरसात का सबसे अधिक असर ज्वार, बाजरा और धान जैसी खरीफ फसलों पर पड़ा है। जिन किसानों ने हाल ही में मटर की बुवाई की थी, उनके खेतों में भारी नुकसान देखने को मिल रहा है।
रविवार देर रात से आसमान में घने बादल छा गए थे, जो सोमवार सुबह रिमझिम बारिश में तब्दील हो गए। इससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और ठंडक बढ़ने लगी। हल्की बारिश ने जहां लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर किया, वहीं किसानों की चिंता दोगुनी हो गई।
किसान वीरेंद्र सिंह ने बताया कि "धान की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन अब खेतों में पानी भर गया है, जिससे कटाई रुक गई है। वहीं जिन किसानों ने मटर बो दी थी, उनकी बुवाई पर पानी का असर पड़ रहा है।"
जिले के कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसलों पर पानी जमा होने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। गीली मट्टिी के कारण ट्रैक्टर और मशीनें खेतों में नहीं जा पा रही हैं, जिससे गेहूं, चना और मटर की बुवाई में भी देरी तय मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि यह बरसात दो-तीन दिन और जारी रही, तो फसल की जड़ों में सड़न शुरू हो सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मंगलवार को भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश के चलते जिले में सुबह से ही सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल मौसम में ठंडक घुलने के साथ लोग राहत महसूस कर रहे हैं, मगर किसानों के लिए यह बरसात नुकसान का सौदा साबित हो रही है।
तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट वाले जिले
जिला अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस) अंतर
उरई 19.2 -9.8
नजीबाबाद 20.0 -5.4
मुरादाबाद 22.0 -5.0
आगरा 24.0 -4.0
गोरखपुर 25.0 -3.0
वाराणसी 24.0 -2.5
बांदा 29.0 -1.0
सुल्तानपुर 28.4 -1.6
फतेहपुर 29.2 -1.0
हमीरपुर 25.2 -2.0




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