यूपी के इस एक शहर में हैरान कर देंगे साइबर जालसाजी के आंकड़े, जानें कितने करोड़ लूटे
साइबर जालसाजी आम लोगों के लिए चुनौती है ही। पुलिस भी इस मामले में बहुत कुछ नहीं कर पा रही है। समय रहते अगर पीड़ित पुलिस के पास पहुंच गया तो कुछ मामले में रकम को बैंक खाते में फ्रीज कराने में पुलिस कामयाब हो जा रही है लेकिन आरोपित को पकड़ने की रफ्तार बहुत धीमी है।

Cyber Fraud: साइबर जालसाजी कितने बड़े पैमाने पर हो रही है, इसका अंदाज लगाना भी मुश्किल हो गया है। यूपी के एक शहर के आंकड़ों पर ही नजर डाल लें तो आप हैरान रह जाएंगे। 2025 के बीते सात महीनों में गोरखपुर से तीन करोड़ से ज्यादा की रकम लूट ले गए हैं। यह आंकड़ा साइबर थाने के साथ ही जिले के अन्य थानों में दर्ज केस से सामने आया है। हालांकि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं और ज्यादा हो सकता है। जितनी रकम की जालसाजी हुई है, उसमे से भी दस प्रतिशत से कम रकम को ही पुलिस फ्रीज करा या लौटा पाई है।
साइबर जालसाजी आम लोगों के लिए चुनौती है ही, पुलिस भी एक समय के बाद इस मामले में बहुत कुछ नहीं कर पा रही है। समय रहते अगर पीड़ित पुलिस के पास पहुंच गया तो कुछ मामले में रकम को बैंक खाते में फ्रीज कराने में पुलिस कामयाब हो जा रही है लेकिन आरोपित को पकड़ने की रफ्तार बहुत धीमी है। पिछले दिनों डीआईजी रेंज एस चन्नपा ने साइबर जालसाजी के केस की समीक्षा करते हुए इसकी रोकथाम और आरोपितों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया है।
साइबर जालसाजी के आरोपित अलग-अलग प्रदेश से जुड़े हुए हैं, ऐसे में उनकी तस्दीक करने से लेकर गिरफ्तार करने में पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साइबर थाने में कुल 30 केस दर्ज हुए। इसमें 155 आरोपित सामने आए। जांच में 46 आरोपितों के खिलाफ शिकायत गलत मिली। शेष बचे 111 आरोपितों में से सिर्फ चार को पुलिस पकड़ पाई।
आंकड़े के अनुसार 25968559 रुपये जालसाजी हुई, इसमें से 2478716 रुपये खातों में पुलिस ने फ्रीज कराया। जालसाजी की गई रकम में सिर्फ 9.93 प्रतिशत ही अब तक बरामद हो पाई। गोरखपुर रेंज के चार जिलों में इस साल के सात महीने में देवरिया में 42, गोरखपुर में 76,कुशीनगर में 64, महराजगंज में 26 जालसाजी के मामले सामने आए हैं।
चारों जिलों में मिलाकर कुल 208 मुकदमे दर्ज किए गए। पांच लाख रुपये से कम की जालसाजी के मामले में जिस थाने क्षेत्र का पीड़ित है उसी थाने में मुकदमा दर्ज किया जाता है जबकि पांच लाख रुपये से ज्यादा की जालसाजी के साइबर थाने में केस दर्ज किया जाता है। ऐसे में यह 208 केस पांच लाख रुपये से कम की जालसाजी से जुड़े हुए हैं। सभी मामलों का मिलाकर 4342874 रुपये की जालसाजी हुई है।




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