राम मंदिर में पहुंचा ध्वज लौटाया गया, नया बनेगा; रक्षा मंत्रालय ने दिया था सुझाव
सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञों की सलाह पर दो से तीन किलो वजन का दूसरा ध्वज बनवाने का निर्देश दिया गया है। हल्के वजन के ध्वज की लंबाई -चौड़ाई भी 22 गुणा 11 फिट रखने का ही फैसला किया गया है। ध्वजारोहण में पांच मिनट का समय लगेगा और यह आरोहण भी आधे घंटे के मुहूर्त के बीच होगा।

राम मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 नवम्बर को निर्धारित मुहूर्त में ध्वज फहराएंगे। ध्वजारोहण के लिए सेना और रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञों ने कमान संभाल ली है। उनके द्वारा आवश्यक सुझाव दिए गए हैं। सुझावों के पहले राम मंदिर में ध्वज पहुंच गया था। निर्माण एजेंसी ने ध्वज का तीन सेट भेजा था। अब रक्षा मंत्रालय के सुझावों को देखते हुए निर्माण एजेंसी को यह ध्वज वापस कर हल्के कपड़े के ध्वज का दोबारा निर्माण करने का निर्देश दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञों की सलाह पर दो से तीन किलो वजन का दूसरा ध्वज बनवाने का निर्देश दिया गया है। हल्के वजन के ध्वज की लंबाई -चौड़ाई भी 22 गुणा 11 फिट रखने का ही फैसला किया गया है।
आधे घंटे का मुहूर्त
बताया गया कि इस ध्वजारोहण में पांच मिनट का समय लगेगा और यह आरोहण भी आधे घंटे के मुहूर्त के बीच होगा। निर्माण एजेंसी द्वारा तीन सेट में भेजा गया ध्वज रेशमयुक्त पैराशूट फैब्रिक के धागों से निर्मित है। इस ध्वज में वाल्मीकि रामायण के आधार पर राम राज्य के चिह्न “कोविदार” वृक्ष के अलावा सूर्य वंश के प्रतीक सूर्यदेव सहित समन्वय के प्रतीक ओंकार का चिह्न भी अंकित किया गया है।
वाहन पार्किंग पर महासचिव ने दिया संदेश
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने सोमवार को पुनः जारी एक वीडियो संदेश में 25 नवम्बर को आमंत्रित सभी अतिथियों के वाहन पार्किंग को लेकर विशेष संदेश जारी किया है। इस संदेश में अपील की गयी है कि अयोध्या प्रवेश के छह अलग-अलग रास्ते हैं जिनमें गोरखपुर, गोण्डा, अकबरपुर, प्रयागराज, रायबरेली व लखनऊ शामिल हैं। इन सभी रास्तों से आने वाले अतिथियों के लिए अलग-अलग वाहन पार्किंग की व्यवस्था अलग-अलग क्षेत्रों में की जा रही है। पुलिस प्रशासन इस कार्य में लगा है। पुलिस प्रशासन के साथ संघ व विहिप के कार्यकर्ताओं की टोली समन्वय स्थापित कर व्यवस्था दे रही है। उन्होंने कहा कि वाहन पार्किंग में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
धूल-गुबार के बीच श्रद्धालु कर रहे रामलला का दर्शन
अयोध्या में मंदिर निर्माण अपनी पूर्णता की ओर है। इस बीच पत्थरों की घिसाई व सफाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इसके कारण पूरा परिसर धूल-गुबार से ढका दिखाई दे रहा है। वहीं लोअर प्लिंथ पर थ्रीडी म्यूरल्स को लगाने और उनकी सेटिंग भी हो रही है। शिखर से लेकर खंभे और सतह पर हैंड मशीन की घर्घराहट का शोर भी बहुत अधिक है। इस बीच में श्रद्धालुओं का रेला भी पहुंच रहा है व अधिकांश श्रद्धालु नाक पर रुमाल रखकर दर्शन के लिए आ रहे हैं।




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