जनगणना में लापरवाही पर सख्त ऐक्शन लें, यूपी मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को दिए ये निर्देश
जनगणना में लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं है। मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त ऐक्शन लें। इस काम में सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, कौशांबी, झांसी, लखनऊ, गोंडा व गौतमबुद्धनगर जिलों में जनगणना काम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनगणना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं होगी। इस काम में सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।मुख्य सचिव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनगणना की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान डीएम व नगर आयुक्तों को जरूरी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जनगणना कार्य की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) का कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। साथ ही जनगणना कार्य की प्रगति की दैनिक समीक्षा करते हुए जमीनी स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य में अपेक्षित सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में कार्य की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां विशेष प्रयास करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से गणना ब्लॉकों का कार्य पूर्ण होने से संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया को गति मिलेगी तथा आंकड़ों की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से अनुपालन करते हुए जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।बैठक में निदेशक जनगणना कार्य श्रीमती शीतल वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
एसपी गोयल ने इन परियोजनाओं की भी समीक्षा
वहीं इसके अलावा में मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) से वित्त-पोषित परियोजनाओं की समीक्षा के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की हाई पावर कमेटी की प्रथम समीक्षा आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने विगत वर्ष की प्रगति को संतोषजनक बताते हुए कार्यदायी विभागों को निर्देशित किया कि परियोजना वित्तीय वर्ष 2026-27 में पुनःप्राथमीकिरण, प्रतिपूर्ति दावे तथा परियोजना पूर्णता प्रमाणपत्र (PCR) समयबद्ध रूप से नाबार्ड को प्रेषित किए जाएं । उन्होंने नाबार्ड को कार्यदायी विभागों के साथ अपने डिजिटल समाधान के एकीकरण हेतु भी निर्देशित किया, जिससे डेटा संप्रेषण एवं परियोजना अनुश्रवण को अधिक प्रभावी बनाया जा सके । मुख्य सचिव ने कार्यदायी विभागों को आरआईडीएफ (2026-27) के अंतर्गत प्रस्ताव शीघ्र नाबार्ड को स्वीकृति के लिए प्रेषित किए जाने के निर्देश दिये।




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