Tainted lawyers are a threat to the rule of law; the High Court issued these instructions to the UP DGP रसूखदार पदों पर बैठे दागी वकील कानून के शासन के लिए खतरा; हाईकोर्ट ने यूपी डीजीपी को दिए ये निर्देश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

रसूखदार पदों पर बैठे दागी वकील कानून के शासन के लिए खतरा; हाईकोर्ट ने यूपी डीजीपी को दिए ये निर्देश

आपराधिक इतिहास वाले वकील जो बार एसोसिएशनों में रसूखदार पदों पर बैठे हैं, वे कानून के शासन के लिए खतरा हैं। हाईकोर्ट ने यूपी डीजीपी और डीजीपी अभियोजन को राज्य भर में वकीलों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का विस्तृत ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।  

Tue, 2 Dec 2025 08:37 PMDeep Pandey प्रयागराज, विधि संवाददाता
share
रसूखदार पदों पर बैठे दागी वकील कानून के शासन के लिए खतरा; हाईकोर्ट ने यूपी डीजीपी को दिए ये निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में प्रदेश के डीजीपी और डीजीपी अभियोजन को राज्य भर में वकीलों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का विस्तृत ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि आपराधिक इतिहास वाले वकील जो बार एसोसिएशनों में रसूखदार पदों पर बैठे हैं, वे कानून के शासन के लिए संभावित खतरा हैं।

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने अधिवक्ता मोहम्मद कफील की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची ने याचिका में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ परिवाद को खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट को पता चला कि याची स्वयं गैंगस्टर एक्ट सहित कई आपराधिक मामलों में शामिल है और उसके भाई कुख्यात अपराधी हैं तो कोर्ट ने कहा कि यह स्वीकार्य तथ्य है कि याची तीन आपराधिक मामलों में आरोपी है और उसके सभी भाई कुख्यात अपराधी हैं। कोर्ट ने वकीलों के आपराधिक पृष्ठभूमि के न्याय प्रशासन पर प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। कहा कि कानूनी प्रणाली अपनी ताकत केवल वैधानिक प्रावधानों से नहीं बल्कि उस नैतिक वैधता से प्राप्त करती है जो इसकी निष्पक्षता में जनता के विश्वास से आती है। अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी विशिष्ट संस्थागत स्थिति रखते हैं। वे कोर्ट के अधिकारी भी हैं और पेशेवर नैतिकता के संरक्षक भी। दूसरी ओर अपराध विचार में उत्पन्न होता है और विचार आचरण को प्रभावित करता है। इसलिए जब गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति कानूनी प्रणाली में प्रभाव वाले पदों पर होते हैं तो यह वैध चिंता का विषय है कि वे पेशेवर वैधता की आड़ में पुलिस अधिकारियों और न्यायिक प्रक्रियाओं पर अनुचित प्रभाव डाल सकते हैं।

कोर्ट ने कहा कि कानून के शासन के लिए किसी भी खतरे को संवेदनशीलता से निपटाना उसका कर्तव्य है। कोर्ट ने सभी कमिश्नर, एसएसपी, एसपी और संयुक्त निदेशक अभियोजन को यूपी बार कौंसिल में रजिस्टर्ड वकीलों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का व्यापक विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुसार इन अधिकारियों को अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर पंजीकरण की तिथि और अपराध संख्या, धाराएं और संबंधित थाना, विवेचना की वर्तमान स्थिति, चार्जशीट दाखिल करने और आरोप तय करने की तिथि, अब तक परीक्षित गवाहों का विवरण और ट्रायल की स्थिति का विवरण पेश करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस से संबंधित विवरण डीजीपी द्वारा और अभियोजन पक्ष की जानकारी डीजीपी अभियोजन द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सुहागरात से पहले अचानक दुल्हन लापता, ससुराल में मचा हड़कंप; दूल्हे को मिली तो..

यह है मामला

याची मोहम्मद कफील ने याचिका में इटावा के अपर सत्र न्यायाधीश के गत 18 मार्च के आदेश को चुनौती दी है। अपर सत्र न्यायाधीश ने सीजेएम के उस आदेश को बरकरार रखा था जिसमें पुलिस अधिकारियों को तलब करने की याची की प्रार्थना खारिज कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हलफनामा दाखिल कर याची और उसके भाइयों के आपराधिक इतिहास का खुलासा किया। हलफनामे में यह भी बताया गया कि याची के पांच भाई शकील, नौशाद, अकील, फैजान उर्फ गुडून और दिलशाद गंभीर अपराधों में नामजद हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, गोहत्या, जुआ अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट व पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। याची ने भी पूरक हलफनामे दाखिल कर स्वीकार किया कि उस पर कुछ मामले दर्ज हैं। हालांकि उसने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप भी लगाया। इटावा कोतवाली के इंस्पेक्टर के हलफनामे से खुलासा हुआ कि याची अधिवक्ता तीन आपराधिक मामलों में शामिल है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result 2026 Live, UP Board 10th Result 2026 Live, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।