स्विस बैंक खाता, 50 युवाओं की ‘कमांडो फोर्स’, धर्मांतरण मास्टरमाइंट छांगुर बाबा केस में नए खुलासे
यूपी में अवैध धर्मांतरण मास्टर माइंड छांगुर बाबा की दहशत किसी माफिया से कम नहीं थी। उसने कोठी में 50 युवाओं की ‘कमांडो फोर्स’ बना रखी थी। इसके साथ ही जांच विदेशों से फंडिंग और बाबा की सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन का एक बैंक खाता स्विस बैंक में होनी की बात भी सामने आई है।

अवैध धर्मांतरण मास्टर माइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा का नाम भले ही यूपी के टॉप माफिया की सूची में नहीं था लेकिन उसकी दहशत किसी माफिया से कम नहीं थी। उसने कोठी में 50 युवाओं की ‘कमांडो फोर्स’ बना रखी थी। ये युवा उसके एक इशारे पर मरने-मारने को उतारू हो जाते थे। वहीं जांच में यह भी पता चला है कि बाबा की सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन का एक बैंक खाता स्विस बैंक में भी है।
छांगुर ने कोई फरमान सुनाया तो ये युवा फिर किसी की नहीं सुनते थे। दो-तीन बार इनकी करतूत थाने तक भी पहुंची पर छांगुर की पुलिस-प्रशासन में पैठ की वजह से इनका बाल बांका नहीं हुआ। 15 सालों से ‘छांगुर’ की यह हुकूमत चलती रही। आतंक पूरे बलरामपुर में था, पर कभी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। एटीएस की ओर दर्ज कराई गई एफआईआर में भी छांगुर के इन 50 युवाओं का जिक्र है। रिपोर्ट में लिखा है कि ये युवक छांगुर के इशारे पर कुछ भी करने को तैयार हो जाते थे। कोठी में ही इनके लिए भी घर बने हुए थे। इसमें ही यह सभी रहते थे। इनके खाने-पीने का खर्चा भी छांगुर ही उठाता था।
स्विस बैंक के खाते की जानकारी से जुड़े कुछ कागजात मिले
एटीएस को जांच में पता चला है कि नीतू उर्फ नसरीन का एक बैंक खाता स्विस बैंक में भी है। बताया जाता है कि बलरामपुर में छांगुर की कोठी ढहाते समय एक बक्सा मिला था जिसमें दस्तावेज मिले थे। इनमें ही स्विस बैंक के खाते की जानकारी से जुड़े कुछ कागजात थे। रिमाण्ड पर छांगुर व नीतू से इस बारे में एटीएस ने सवाल पूछे। दोनों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वह यही बताते रहे कि अहमद नाम के एक सहयोगी ने उसके खाते विदेश में खुलवाए थे।
10 साल का आयकर रिटर्न मांगा, कस्टडी रिमांड लेगी
ईडी ने भी मुकदमा दर्ज करने के बाद अपनी जांच तेज कर दी है। ईडी ने छांगुर की सभी 40 संस्थाओं का बीते 10 साल का आयकर रिटर्न विभाग से मांगा है। ईडी ने सम्भावना व्यक्त की है कि 100 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति का लेन-देन इन खातों से निकल सकता है। सभी बैंकों को पत्र भेजकर ब्योरा देने को कहा गया है। ईडी भी जल्दी ही छांगुर और नीतू उर्फ नसरीन को कस्टडी रिमांड पर लेगी।ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक सम्बन्धित विभाग के एसआरओ से छांगुर की अचल सम्पत्तियों का ब्योरा देने को कहा गया है। विभाग को छांगुर, नीतू उर्फ नसरीन समेत गिरोह छह बड़े सदस्यों की सम्पत्ति का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। ईडी ने एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश से सम्पर्क पर एफआईआर कॉपी व अब तक की प्रगति देने को कहा था। पुलिस ने ईडी को एफआईआर व अन्य जानकारी उपलब्ध करा दी है।
छांगुर बोला, विदेशों से मदद के लिए मिले रुपये
एटीएस अधिकारी ने एक साथ कई सवाल पूछ डाले। छांगुर ने जवाब दिया वह 15 साल से धर्मांतरण करा रहे हैं। उसने कहा कि वह पहले लोगों को अपने धर्म के बारे में बताता है, फिर जो राजी हो जाता है, उसे इस्लाम कुबूल करवाता था। जब उससे पूछा गया कि कई लोगों ने उस पर धमकी और यातनाएं देकर इस्लाम कुबूलवाने का आरोप लगाया है...इस पर कहा कि पहले इस्लाम कुबूलने की बात कहकर मुकरने पर वह गुस्से में धमकी दे देता था। विदेशी फंडिंग पर उसने कहा कि कई देशों में उसके सम्बन्ध है। वहां के लोग गरीबों की मदद के लिए रुपये भेजते थे। उसने बताया कि यह रकम पाने के लिए नीतू उर्फ नसरीन के आठ बैंक खाते खुलवाए थे। बैंक ऑफ बड़ोदा के खाते (5733.....0437) में नेफ्ट के माध्यम से पांच करोड रुपये विदेश से भेजने का खुलासा हुआ। इसमें वर्ष 2021 में 24 फरवरी से 28 जून तक कुल जमा धनराशि 13 करोड़ 90 लाख रुपये रकम रही।
ये भी जानें
● गिरोह का संचालन करने के लिए इस्लामिक ढाबा सेंटर (आईडीसी) का इस्तेमाल करते थे
● 450 से ज्यादा धर्मांतरण के प्रमाण पत्र मिले हैं
● धर्मांतरण के प्रमाण पत्र दुबई से जारी किए
● अहमद समेत कई आरोपी फरार




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