छांगुर ने लखनऊ में भी बना रखा था धर्मांतरण का अड्डा, 6 घंटे की पूछताछ में कई खुलासे
धर्मांतरण का आरोपी छांगुर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को एटीएस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। गुरुवार को 6 घंटे की पूछताछ में कई खुलास हुए। छांगुर ने लखनऊ में भी धर्मांतरण का अड्डा बना रखा था

यूपी में धर्मांतरण का आरोपी छांगुर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को एटीएस को सात दिन की रिमांड पर गुरुवार को सौंप दिए गए। पहले दिन करीब छह घंटे की पूछताछ में आरोपी छांगुर ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि वह करीब 15 साल से धर्मांतरण करवा रहा है। इस दौरान बीते साल जब उसके गिरोह पर शिकंजा कसा तो वह भागकर लखनऊ के विकासनगर स्थित होटल में ठहरा। इस दौरान नसरीन भी साथ रही और दोनों ने यहां करीब दो महीने रहते हुए होटल से ही धर्मांतरण का रैकेट चलाया था।
विकासनगर के होटल में रुके थे
एटीएस ने गोसाईगंज जेल से छांगुर, नीतू को गुरुवार सुबह सुपुर्दगी में लिया। इन्हें एटीएस पहले सरोजनीनगर मुख्यालय गई। यहां उसने संतोषजनक सवाल नहीं दिए। एटीएस के अफसरों ने सुबूतों के साथ कई सवाल किए तो वह जवाब देने लगा। इसके मुताबिक बीते साल छांगुर पर कार्रवाई शुरू हुई तो नीतू उर्फ नसरीन के साथ बलरामपुर से आकर लखनऊ के विकासनगर स्थित होटल स्टार रूम्स में ठहरा। यहां दो माह रुककर धर्मांतरण नेटवर्क चलाता रहा। एक-दो बार ही कमरे से निकला। 16 अप्रैल को पहले नीतू होटल आई फिर छांगुर भी आ गया। दोनों को मैनेजर ने कमरा नम्बर 102 दिया। आईडी के तौर पर दोनों ने आधार लगाए। इस पर नीतू नवीन रोहरा लिखा था। पांच दिन बाद दोनों ने कमरा बदलवा कर 105 लिया। होटल कर्मी ने एटीएस को बताया कि छांगुर से मिलने एक वकील ही आया था। होटल स्टाफ दोनों को पति-पत्नी ही समझता रहा, लेकिन उम्र में अंदर को देखते हुए संशय भी रहा।
वहीं गुरुवार दोपहर उतरौला कोतवाली मधपुर स्थित उसकी कोठी का 5000 वर्ग फीट अवैध अतिक्रमण ढहा दिया गया। इसे हटाने में प्रशासन को तीन दिन लगा। लोक निर्माण विभाग आंकेगा फिर खर्च की वसूली नीतू उर्फ नसरीन से होगी। छांगुर ने धर्मांतरण के बाद नीतू रोहरा उर्फ नसरीन के नाम जमीन खरीद एक हिस्से में भवन बनवा कर रहता था, दूसरे हिस्से में दो मंजिल अस्पताल के नाम पर छोड़ रखी थी। पांच हजार वर्ग फीट सरकारी जमीन कब्जा कर ली थी। एसडीएम राजेन्द्र बहादुर ने बताया कि ध्वस्तीकरण का खर्च भवन स्वामी से लेंगे।
15 वर्षों से बदलवा रहा धर्म, विदेशों से फंडिंग
छांगुर 15 सालों से धर्मांतरण करवा रहा था। इस ‘मिशन’ के लिए विदेशों से फंडिंग थी। उसने सिन्धी दम्पत्ति नीतू और नवीन को इस्लाम कबूल करवा गिरोह में जोड़ा। साजिश के तहत नीतू उर्फ नसरीन के नाम सम्पत्ति बनवाई। आठ बैंकों में खाते खुलवाए। यह खुलासा रिमांड के पहले दिन छांगुर-नीतू ने एटीएस से किए।
महाराष्ट्र-नेपाल सीमा पर खरीदी जमीनें
एटीएस ने इस्लाम कुबूल करवाने की साजिश के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह और उसके साथी काफी समय से नेपाल सीमा से सटे इलाकों, महाराष्ट्र और यूपी के अन्य इलाकों में जमीनें खरीद रहे थे। यहां कई सरकारी जमीनें फर्जी दस्तावेजों से नाम कराईं। विवादित जमीनें भी लीं। फर्जी दस्तावेज से नाम कराईं।
गिरोह में शामिल कई लोगों के नाम भी उगले
छांगुर ने एटीएस की पूछताछ में बताया कि नीतू और नवीन के अलावा सबरोज, रमजान, रशीद और शहाबुद्दीन आदि उसके लिए धर्मांतरण कराने में मुख्य भूमिका निभाते थे। यही नहीं, विदेशों से आने वाली रकम का हिसाब भी यही लोग रखते थे।
विदेशों से गरीबों की मदद के लिए मिले रुपये
एटीएस अधिकारी ने एक साथ कई सवाल पूछ डाले कि कब बलरामपुर आए। धर्मांतरण कब से करा रहे हो...फंडिंग कहां से हो रही है..कहां-कहां बैंक खाते हैं...। छांगुर ने जवाब दिया कि वह 15 साल से धर्मांतरण करा रहे हैं। उसने इस बात से इनकार किया कि वह जबरन इस्लाम कुबूलवा रहा था। उसने कहा कि वह पहले लोगों को अपने धर्म के बारे में बताता है, फिर जो राजी हो जाता है, उसे इस्लाम कुबूल करवाता था। जब उससे पूछा गया कि कई लोगों ने उस पर धमकी और यातनाएं देकर इस्लाम कुबूलवाने का आरोप लगाया है...इस पर वह पहले चुप रहा, फिर कहा कि पहले इस्लाम कुबूलने की बात कहकर मुकरने पर वह गुस्से में धमकी दे देता था। विदेशी फंडिंग पर उसने कहा कि कई देशों में उसके सम्बन्ध है। वहां के लोग गरीबों की मदद के लिए रुपये भेजते थे। उसने बताया कि यह रकम पाने के लिए ही उसने नीतू उर्फ नसरीन के आठ बैंक खाते खुलवाए थे। बैंक ऑफ बड़ोदा में तीन, बैंक ऑफ इंडिया,आईसीआईसीआई व एचडीएफसी बैंक में एक-एक और एसबीआई में दो खाते खोले गए।
बैंक ऑफ बड़ोदा के खाते (5733.....0437) में नेफ्ट के माध्यम से पांच करोड रुपये विदेश से भेजने का खुलासा हुआ। इसमें वर्ष 2021 में 24 फरवरी से 28 जून तक कुल जमा धनराशि 13 करोड़ 90 लाख रुपये रकम रही। इसमें 13 करोड़ 58 लाख रुपये रकम निकाली गई। इसी तरह नवीन के नाम से छह बैंक खाते खोले गए। ये खाते भी उक्त बैंकों में ही थे। इसमें भी 16 करोड़ 22 लाख रुपये का नेफ्ट के माध्यम से लेन-देन संदिग्ध पाया गया है। इसी तरह कई अन्य खातों में भी लेन-देन हुए हैं। पूछताछ में उसने दुबई के कई खातों का ब्योरा भी दिया है।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि छांगुर 15 सालों से धर्मांतरण कर रहा है। साक्ष्य मिले हैं। दोनों रिमाण्ड पर हैं। एजेन्सियां पूछताछ कर रही है। गिरोह के अन्य आरोपितों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।




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