students trapped in trap of private colleges bed recognition on fake letter of ncte now action has started प्राइवेट कॉलेजों के जाल में फंसे छात्र, NCTE के फर्जी लेटर पर बीएड की मान्यता; अब ऐक्शन शुरू, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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प्राइवेट कॉलेजों के जाल में फंसे छात्र, NCTE के फर्जी लेटर पर बीएड की मान्यता; अब ऐक्शन शुरू

फर्जीवाड़ा करने वाले इन डिग्री कॉलेजों ने छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। शिकायत के बाद जांच की गई तो पता चला कि इन्हें मान्यता देने के लिए NCTE ने कोई पत्र ही जारी नहीं किया है। अब ऐसे कॉलेजों की मान्यता खत्म कर उनके यहां प्रवेश पर रोक लगा दी है। कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

Tue, 1 July 2025 06:40 AMAjay Singh आशीष त्रिवेदी, लखनऊ
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प्राइवेट कॉलेजों के जाल में फंसे छात्र, NCTE के फर्जी लेटर पर बीएड की मान्यता; अब ऐक्शन शुरू

उत्तर प्रदेश के कुछ निजी डिग्री कॉलेजों ने बीएड कोर्स की मान्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) का फर्जी पत्र तैयार कर ले ली। यही नहीं मिलीगभत कर इसे एनसीटीई की वेबसाइट पर भी अपलोड करा दिया। फर्जीवाड़ा करने वाले इन डिग्री कॉलेजों ने विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। शिकायत के बाद जांच की गई तो पता चला कि इन्हें मान्यता देने के लिए एनसीटीई ने कोई पत्र ही जारी नहीं किया है। अब ऐसे कॉलेजों की मान्यता खत्म कर उनके यहां प्रवेश पर रोक लगा दी है और अब कानूनी कार्रवाई होगी।

एनसीटीई की बीते दिनों हुई नार्दन रीजन कमेटी की बैठक में सीतापुर के बिसवां स्थित अजीम मेमोरियल नेशनल डिग्री कॉलेज जो कि लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध है, उसका फर्जीवाड़ा उजागर होने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस कॉलेज ने मान्यता के लिए एनसीटीई का फर्जी पत्र तैयार कर लिया गया। तीन मार्च 2020 के जिस पत्र का हवाला लेकर इस कॉलेज ने लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्धता ली वह पूरी तरह फर्जी निकला। बीएड कोर्स की मान्यता खत्म किए जाने, दाखिले पर रोक लगाए जाने और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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इसी तरह बरेली के शिव ज्ञान डिग्री कॉलेज मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में भी बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता ऐसे ही ली गई। जांच कमेटी ने डिस्पैच डायरी व अन्य दस्तावेजों से इसका मिलान किया तो यह पत्र भी फर्जी निकला। यही खेल मान्यता पाने के लिए बरेली के ही एलबीएस ग्रुप एजुकेशन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कॉलेज ने भी किया। उसने भी फर्जी पत्र के सहारे बीएड पाठ्यक्रम चला डाला। शाहजहांपुर के गंगा राम सेठ डिग्री कॉलेज भी इस फर्जीवाड़े में शामिल है।

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ढंग से जांच हो तो सामने आएगा बड़ा फर्जीवाड़ा

फिलहाल पांच-पांच साल से चल रहे इन कॉलेजों पर अब कार्रवाई की जाएगी। एनसीटीई के आईटी सेक्शन को यह जिम्मेदारी दी गई है कि आखिर किस तरह इन्होंने वेबसाइट पर फर्जी पत्र अपलोड किया। अब दूसरे बीएड कॉलेजों की भी जांच कराई जाएगी। अगर ढंग से जांच की गई तो बड़ी संख्या में दूसरे कॉलेजों का भी फर्जीवाड़ा सामने आएगा। यही नहीं बड़ा रैकेट पकड़ा जाएगा

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