सौतेले पिता की क्रूरता, रोते हुए बच्चे को चुप कराने के लिए मारी लात, मासूम की चली गई जान
गोरखपुर में नशे में धुत सौतेले पिता ने चार साल के मासूम बच्चे को चुप कराने के लिए पैर से मारकर उसकी जान ले ली। बच्चे की मां ने मेडिकल कॉलेज चौकी पर शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़कर गृह थाने की पुलिस को सूचना दी।

यूपी के गोरखपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां नशे में धुत सौतेले पिता ने चार साल के मासूम बच्चे को चुप कराने के लिए पैर से मारकर उसकी जान ले ली। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार को घायल बच्चे मौत हो गई। बच्चे की मां ने मेडिकल कालेज चौकी पर शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़कर गृह थाने की पुलिस को सूचना दी। संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद रहने वाले आरोपी को वहां की पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बस्ती जिले के हरदी निवासी जानकी देवी की शादी करीब दस साल पहले वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के नंदानगर निवासी अवधेश से हुई थी। दंपति के दो बेटे आयुष (6) और आदर्श (4) थे। लगभग दो साल पहले जानकी का प्रेम संबंध रामकेश प्रजापति नामक युवक से हो गया। इसके बाद जानकी अपने छोटे बेटे आदर्श को लेकर रामकेश के साथ खलीलाबाद में रहने लगी। रामकेश वहां फास्ट फूड की दुकान चलाता है और सरयू नहर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। गत 30 सितंबर की शाम को रामकेश दुकान बंद कर घर लौटा।
इस दौरान चार साल का आदर्श चौकी पर बैठा था और जोर-जोर से रो रहा था। नाराज होकर रामकेश ने बच्चे को चुप कराने के लिए पैर से प्रहार कर दिया। बच्चा चौकी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन चार दिन तक बस्ती, खलीलाबाद और गोरखपुर में इलाज कराते रहे। शनिवार को उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई। बच्चे की मां जानकी देवी ने मेडिकल चौकी पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने आरोपी रामकेश को हिरासत में लेते हुए खलीलाबाद कोतवाली पुलिस को सूचना दी। खलीलाबाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक सौतेले पिता पर बच्चे को जान से मारने की नीयत से हमला करने और लापरवाही से चोट पहुंचाने का आरोप है।




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