साहब! मेरी मूंछें तो देखिए, वोटर लिस्ट में महिला के रूप में दर्ज पुरुष ने यूपी एसआईआर में लगाई गुहार
महाराजगंज में चल रहे SIR अभियान के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की कवायद में ऐसे हजारों अजीबो-गरीब मामले सामने आए हैं, जहां कागजों में पुरुष स्त्री बन गए हैं। दादा-पोते की उम्र का फासला सिमट कर रह गया है। डिजिटल स्क्रीनिंग के दौरान भारी खामियां उजागर हुई हैं।

Special Intensive Review (SIR): साहब! मेरी मूंछें तो देखिए, क्या मैं महिला नजर आता हूं? फिर भी एसआईआर में मुझे पुरुष नहीं माना जा रहा है। पुरुष होने का सबूत मांगा जा रहा है। मानवीय चूक से हुई तार्किक विसंगतियों ने वोटरलिस्ट में महिला बना दिया है। इसे दुरूस्त कराएं। यह गुहार महाराजगंज के एक मतदाता की है, जो निर्वाचन कार्यालय से जारी नोटिस में सुनवाई के दौरान अपना जेंडर सुधरवाने पहुंचा था।
महाराजगंज में चल रहे एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की कवायद में ऐसे हजारों अजीबो-गरीब मामले सामने आए हैं, जहां कागजों में पुरुष स्त्री बन गए हैं। दादा-पोते की उम्र का फासला सिमट कर रह गया है। डिजिटल स्क्रीनिंग के दौरान भारी खामियां उजागर हुई हैं। जिले के 38 हजार 81 मतदाताओं का जेंडर मिसमैच मिला है। इनके नाम तो पुरुषों वाले हैं, लेकिन डेटा में इन्हें महिला दर्ज कर दिया गया है। इन गड़बड़ियों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (तार्किक गड़बड़ी) के रूप में चिह्नित कर नोटिस जारी किए गए हैं। सुनवाई के दौरान मतदाता अपने पहचान और पते का प्रमाण देकर इन विसंगतियों को दुरुस्त करवा रहे हैं।
1.85 लाख से ज्यादा लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी
एसआईआर में कुल 1 लाख 85 हजार 191 तार्किक विसंगतियां सामने आने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं। डेटा मैपिंग के दौरान 1 लाख 5 हजार 154 मामले ऐसे मिले हैं, जहां माता-पिता और उनकी संतान की उम्र के बीच 15 वर्ष से भी कम का अंतर दर्ज है। यानी कागजों में ये बच्चे अपने माता-पिता के हमउम्र नजर आ रहे हैं। वहीं 13 हजार 347 मामलों में माता-पिता व बच्चों के बीच उम्र में 50 साल से अधिक का फासला है। दादा व पोते के रिश्तों में भी 16 हजार 477 मामलों में महज 40 साल का अंतर मिला है, जिसे तार्किक विसंगतियां मान कर नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची की तार्किक विसंगतियों को दूर करने के लिए मतदाताओं को नोटिस जारी कर साक्ष्य के साथ बुलाया जा रहा है। जिससे भविष्य में मतदान प्रक्रिया के दौरान कोई बाधा न आए।
क्या बोले एडीएम
एडीएम डॉ.प्रशांत कुमार ने बताया कि एसआईआर में नोटिस जारी कर लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी को दुरुस्त कराया जा रहा है। जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुआ है, उनसे अपील है कि वे सुनवाई की तिथि पर पहुंचकर विसंगतियां दूर करा लें। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन व पारदर्शी बनाने के लिए प्रक्रियाओं का पालन कराया जा रहा है।




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