यूपी में बीजेपी सरकार और संगठन में बदलाव की आहट, तावड़े लखनऊ में, दिल्ली में शाह से मिले पंकज
यूपी में मंत्रिमंडल और संगठन में बदलाव की आहट तेज हो गई। रविवार को लखनऊ पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े ने संगठन और सरकार के लोगों के साथ बैठकर फीडबैक लिया। उधर पंकज चौधरी दिल्ली पहुंचे और अमित शाह से मुलाकात की।

UP BJP: भारतीय जनता पार्टी में सरकार और संगठन से जुड़े अधूरे कार्यों को पूरा किए जाने की मुहिम तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े रविवार को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे। उन्होंने पार्टी के राज्य मुख्यालय पर दिनभर वरिष्ठ नेताओं से बंद कमरे में मुलाकात की। उनसे रायशुमारी के साथ ही सूबे की सियासत का जमीनी फीडबैक भी लिया। वे सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। उधर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी दोपहर में दिल्ली रवाना हो गए और उन्होंने देर शाम गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
योगी मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चाएं इन दिनों फिर तेज हैं। वहीं करीब तीन दर्जन आयोग-निगम, बोर्डों के खाली पदों को भरे जाने की कवायद भी बीते काफी दिनों से चल रही है। इसके अलावा प्रदेश संगठन की नई टीम भी बननी है। इन्हीं सबको लेकर इन दिनों पार्टी में सरगर्मियां तेज हैं। गत दिवस दिल्ली से लौटकर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। वहीं रविवार की सुबह फिर प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन ने बंद कमरे में चर्चा की।
बारी-बारी से पहुंचे संगठन और सरकार के मंत्री
पूर्वाह्न करीब 11 बजे बाद राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े भी कार्यालय पहुंच गए। पहले वे प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन से मिले। फिर उन्होंने बारी-बारी से उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, पूर्व मंत्री डा. महेंद्र सिंह, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी से मुलाकात की। इसके अलावा वे तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों भूपेंद्र चौधरी, सूर्यप्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी से भी मिले। बंद कमरे में पार्टी के इन वरिष्ठ नेताओं से संगठन, मंत्रिमंडल विस्तार, आयोगों के खाली पदों के साथ ही प्रदेश की सियासी स्थिति के जमीनी फीडबैक को लेकर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगरा में होने के कारण उनकी देर शाम विनोद तावड़े से मुलाकात हुई।
तावड़े ने लिया सूबे का जमीनी फीडबैक
पार्टी सूत्रों की मानें तो जिन लोगों ने मुलाकात की उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधे जाने पर जोर दिया। अवध क्षेत्र में पासी और कुर्मियों की नाराजगी के कारण पार्टी को नुकसान हुआ। इसी तरह ब्राह्मणों की नाराजगी का विषय भी लगातार उठता है। सुझाव दिया गया कि पार्टी को बैकवर्ड राजनीति करनी है तो अगड़ों को भी साधना होगा। वहीं आयोग, निगम, बोर्डों के खाली पदों को भी जल्द भरे जाने की बात कही गई क्योंकि पहले ही काफी विलंब हो चुका है। इसके अलावा 2014 की तर्ज पर पार्टी के सामाजिक समीकरणों को फिर दुरुस्त करने का फीडबैक भी दिया गया है। कहा गया कि यह ताना-बाना बिखरा है। कुर्मी, पासी सहित कई जातियों का बिखराव देखने को मिला है। तावड़े सोमवार को सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। सरकार, संगठन, आयोगों के साथ ही अन्य फीडबैक के आधार पर वे अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे।




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