यूपी में अभी नहीं हो पाएगा शिक्षकों का समायोजन, हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक इस दिन तक बढ़ाई
सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि उनकी तरफ से जवाबी शपथ पत्र याची पक्ष को प्राप्त करा दिया गया है। इस पर याची की ओर से अधिवक्ता ने जवाबी शपथ पत्र का प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए, न्यायालय से समय की मांग की जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में समायोजन के मामले में याची शिक्षकों के समायोजन प्रक्रिया पर 13 जनवरी को लगी अंतरिम रोक को अगली सुनवाई तक के लिए बढ़ा दिया है। मामले ने अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकल पीठ ने शिक्षकों की ओर से दाखिल 12 अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया।
सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि उनकी तरफ से जवाबी शपथ पत्र याची पक्ष को प्राप्त करा दिया गया है। इस पर याची की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने जवाबी शपथ पत्र का प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए, न्यायालय से समय की मांग की जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए मामले में अगली सुनवाई के लिए 2 फरवरी की तारीख नियत करते हुए, तब तक के लिए अंतरिम रोक बढ़ा दी है।
उल्लेखनीय है कि याचिकाओं में तीसरे चरण के समायोजन में नियमों की अनदेखी को आधार बनाया गया है। कहा गया है कि पहले चरण के समायोजन में विभिन्न जिलों के तमाम स्कूल एकल हो गए थे, उसके बाद अगस्त में दूसरे चरण का समायोजन तो हुआ लेकिन विसंगतियां दूर नहीं हो सकी तथा मनमाने तरीके से कुछ जिलों में वरिष्ठ तो कुछ में कनिष्ठ शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेज दिया गया।
बदायूं में 150 शिक्षकों ने दर्ज कराई आपत्ति
वहीं, समायोजन के बाद 150 शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई है, जिन पर विचार कमेटी करेगी। समायोजन प्रकिया पूरी होने के बाद जिले के 172 एकल और 28 बंद स्कूलों में शिक्षक पहुंच गये हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा एवं शिक्षण कार्य शिक्षामित्रों पर निर्भर नहीं रहेगा। जिले में समायोजन प्रकिया के तहत करीब 200 शिक्षक बंद और एकल में गये हैं। बीएसए वीरेंद्र कुमार ने शिक्षकों के समायोजन के बाद 13 जनवरी तक आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया।
बीएसए ने कहा कि किसी शिक्षक को अगर अपने समायोजन को लेकर दूरी या फिर अन्य कोई समस्या है तो लिखित में अवगत करायें। बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 150 शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराकर अपनी बात कही है, जिस पर कमेटी विचार करेगी।
बरेली में शिक्षकों ने लगाया था ये आरोप
दूसरी तरफ बरेली में शिक्षकों ने आरोप लगाया कि शिक्षक समायोजन-तृतीय में न तो अतिरिक्त शिक्षकों की सूची सार्वजनिक की गई और न ही रिक्त विद्यालयों की जानकारी दी गई। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने कहा कि समायोजन-तृतीय में नियमों का पालन नहीं हुआ, इसलिए यह प्रक्रिया गलत है। मंडलीय मंत्री केसी पटेल ने बताया कि 55 वर्ष से अधिक आयु की अधिकांश महिला शिक्षिकाओं को 60-80 किमी दूर भेजा गया, जो अन्यायपूर्ण है। साथ ही मान्यता प्राप्त संघ पदाधिकारियों को भी नियम विरुद्ध दूरस्थ ब्लॉकों में स्थानांतरित किया गया।




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