यूपी SIR में नोटिस जारी हुआ या नहीं? ऐसे करें चेक; 9154 अधिकारी करेंगे सुनवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से यह सुविधा शुरू करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की IT टीम को पत्र लिखा गया है। ऐसे लोग जिन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है, उनकी सुनवाई 21 जनवरी से शुरू होगी। पहले दिन 3793 स्थानों पर 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सहित 9154 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जिन मतदाताओं का मिलान नहीं हो पाया है, उन्हें नोटिस भेजी जा रही है। पहले चरण में 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जाएगी। ऐसे में अब आगे ईसीआईनेट एप पर भी मतदाता ऑनलाइन देख सकेंगे कि नोटिस उन्हें जारी हुआ है या नहीं। अभी पोर्टल voters.eci.gov.in पर यह सुविधा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से यह सुविधा शुरू करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की आईटी टीम को पत्र लिखा गया है। ऐसे लोग जिन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है, उनकी सुनवाई 21 जनवरी से शुरू होगी। पहले दिन 3793 स्थानों पर 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सहित 9154 अधिकारियों की ड्यूटी नोटिस पर सुनवाई के लिए लगाई गई है।
ऐसे मतदाता जिनका खुद का नाम, माता-पिता, बाबा-दादी या फिर नाना-नानी का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें नोटिस भेजी जा रही हैं। ऐसे लोगों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, स्थायी निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र सहित 13 दस्तावेजों की सूची में से कोई भी दस्तावेज वह दिखा सकता है।
अगर नोटिस पाने वाले किसी व्यक्ति का जन्म एक जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है तो उसे सिर्फ अपने से संबंधित दस्तावेज देना होगा। यदि एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 से पूर्व जन्म हुआ है तो अपने साथ-साथ पिता से संबंधित दस्तावेज भी उसे दिखाने होंगे। वहीं अगर किसी का जन्म दो दिसंबर 2004 के बाद हुआ है तो उसे अपने साथ-साथ माता-पिता दोनों के दस्तावेज नोटिस पर सुनवाई के लिए उपलब्ध कराने होंगे। वहीं दूसरे चरण में ऐसे 2.22 करोड़ लोग जिनके खुद का नाम या फिर पिता का नाम गणना प्रपत्र व वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अलग-अलग है, उन्हें नोटिस दिया जाएगा।




साइन इन