शिया धर्म गुरू कल्बे जवाद के बेटे, बहन ईरान में फंसे; वतन वापसी की देख रहे राह, फोन पर हुई बात
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद के बेटा, बहन और रिश्तेदार ईरान में फंसे हैं। जानकारी के मुताबिक खाड़ी देशों में लखनऊ के 3 हजार से ज्याद परिवारों का संपर्क टूट गया है, जो ईरान में हैं। उड़ानें प्रभावित होने से लोग वापस नहीं आ पा रहे हैं, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

लखनऊ में शिया समुदाय के धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद के परिवार के कई सदस्य इस समय ईरान में फंसे हुए हैं। वहीं ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार लखनऊ के एक लाख से ज्यादा लोग ईरान समेत कई खाड़ी देशों में रह रहे हैं और मौजूदा हालात के कारण वतन वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इससे शहर में उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। लखनऊ में मौजूद परिजन जब अपने रिश्तेदारों से फोन पर बात करते हैं तो कई बार बैकग्राउंड में धमाकों की आवाज सुनाई देती है। इससे परिवारों की चिंता और बढ़ गई है और लोग लगातार अपने प्रियजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
कल्बे जवाब के परिजन ईरान में फंसे
मौलाना कल्बे जवाद ने बताया कि उनकी सगी बहन, भतीजा और छोटा बेटा ईरान में हैं। उनका बेटा कल्बे अहमद करीब छह साल से ईरान में रहकर पढ़ाई कर रहा है। वह धार्मिक शहर कुम में रहता है, जहां हाल ही में मिसाइल हमलों की खबरें आई हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि उनका बेटा फिलहाल सुरक्षित है। वहीं उनके भांजे को ईरान में रहते हुए करीब 16 साल हो चुके हैं।
यूएनओ के जरिए इजरायल और अमेरिका पर हो कार्रवाई
मौलाना ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यूएनओ के जरिए इजराइल और अमेरिका पर कार्रवाई होनी चाहिए। जिन लोगों ने स्कूल पर हमला करके 100 से अधिक बच्चों को मार दिया। इतने लोगों की हत्या हो गई। हमारी भारतीय हुकूमत ढोंग करती है कि हम आतंकवाद के खिलाफ है। उसे यह कहना चाहिए कि हम अमेरिका के गुलाम हैं। वो जो कहेगा करेंगे। अमेरिका जिसे आतंकी कहेगा। हम भी उसे आतंकी कहने लगेंगे। हमारा अपना कोई नजरिया नहीं है। मौलाना जवाद ने कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत इस्लाम के लिए जिहाद है। हम उनके बताए रास्ते पर चलते रहेंगे और उनकी शहादत मजबूती देंगे। अमेरिका और इजरायल के सामने ईरान न पहले झुका है न अब झुकेगा।
लखनऊ के 3 हजार से ज्यादा परिवारों का संपर्क टूटा
आपको बता दें खनऊ के तीन हजार से ज्यादा परिवारों का ईरान से सम्पर्क टूट गया है। खामेनेई की मौत पर लखनऊ, कानपुर, बरेली, आगरा, मेरठ और प्रयागराज समेत यूपी के कई जिलों में शिया समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश दिखा। शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब के मुताबिक लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब तीन हजार परिवारों का ईरान से सम्पर्क टूट गया है। इनके परिजनों में अधिकांश ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं तो कुछ नौकरी या जियारत के लिए जाते हैं।
हमले के बाद से ईरान में इंटरनेट पूरी तरह बंद हैं। ईरान के कुम शहर के अलावा तेहरान आदि में हैं। हुसैनाबाद निवासी मो. आफताब ने बताया कि छोटे भाई मो. शादाब वहां पढ़ाई कर रहे हैं। शनिवार सुबह बात हुई थीं, लेकिन शनिवार के बाद से कोई हालचाल नहीं मिला है। परिवार के लोग परेशान हैं, क्योंकि ईरान में हमले हो रहे हैं। मो. आफताब ने कहा कि नजरें टीवी और सोशल साइटों में ईरान की खबरों पर हैं।




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