अपनों से टूटा संपर्क, ईरान में फंसे बाराबंकी के कई छात्र; परिजन कर रहे सलामती की दुआ
बाराबंकी के जैदपुर के कई छात्र ईरान में पढ़ रहे हैं। तेहरान पर हमले की खबर से परिजन चिंतित हो गए। दोपहर तक फोन पर बातचीत में सबके सुरक्षित होने की सूचना मिली, लेकिन बाद में नेटवर्क बंद होने से संपर्क टूट गया, जिससे परिवारों की चिंता फिर बढ़ गई।

बाराबंकी जिले के जैदपुर स्थानीय कस्बा के कई परिवारों के लड़के ईरान के विभिन्न शहरों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। शनिवार को ईरान पर हमले के बाद से परिवार के लोगों की माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। दोपहर तक परिवार के लोग मोबाइल से बातचीत कर वहां के हालात का जायजा लेते रहे। इस दौरान पिछले तीन माह पहले बेटे मौलाना जौहर अब्बास के साथ ईरान में तीर्थ यात्रा पर गई उनकी मां ने कस्बे में रहे रहे अपने बेटे व परिवार के लोगों को किसी प्रकार की चिंता नहीं करने और सब ठीक होने की बात कहकर ढांढस बधाईं।
शनिवार दोपहर से टूटा संपर्क
ईरान की राजधानी तेहरान पर शुक्रवार को हुए हमले की खबर के बाद कस्बे में रह रहे परिवार वालों की चिंता बढ़ गई है। हमले की सूचना मिलते ही परिजनों ने तुरंत संपर्क कर उनका हालचाल लिया। लेकिन दोपहर एक बजे के बाद से नेटवर्क बंद होने से परिजनों की अपने रिश्तेदारों से कोई बातचीत नहीं हो पाई है। कस्बा जैदपुर के मोहल्ला चिकना महल निवासी अलीगदीर रिजवी के छोटे भाई मौलाना जौहर अब्बास रिजवी ईरान के कुम शहर में रह कर पिछले बीस सालों से कुम विश्वविद्यालय से दीनी तालीम की पढ़ाई कर रहे हैं।
बीच-बीच में वह अक्सर अपने पैतृक निवास आते रहते हैं। पिछले तीन माह पहले वह अपने साथ अपनी माता को भी जियारत के लिए लेकर गए थे। शनिवार को दोपहर बाद ईरान पर अचानक हुए हमले की खबर कस्बे में रह रहे परिजनों को मिलते ही बेचैनी बढ़ गई थी। शनिवार को दोपहर करीब एक बजे अलीगदीर रिजवी ने अपने छोटे भाई मौलाना जौहर अब्बास रिजवी व अपनी माता से बातचीत की तो मालूम हुआ वहां पर सब खैरियत है।
ईरान में सड़कों पर उतरे लोग
छोटे भाई मौलाना जौहर अब्बास ने फोन पर बताया कि वे सुरक्षित हैं, हालांकि एहतियात बरता जा रहा है। मां ने भी स्वयं को सुरक्षित बताया और चिंता न करने को कहा। ईरान में रह रहे मौलाना जौहर अब्बास रिजवी ने अपने भाई से कहा कि हमले के बाद से ईरान के लोग सड़कों पर उतर आए हैं और आयतुल्ला सैयद अली खामनाई जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। बातचीत के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
अपनों से नहीं हो पा रही बात
इसी तरह मोहल्ला बड़ी बाजार निवासी मौलाना सैयद अली पिछले चार सालों से कुम विश्वविद्यालय में रह कर दीनी पढाई कर रहे हैं। शुक्रवार की शाम को आठ बजे उनके परिवार के भांजे अबू तूराब रिजवी ने उनके मोबाइल पर बातचीत कर उनका हालचाल लिया। लेकिन शनिवार को हमला होने के बाद कई बार फोन मिलाने के बाद भी उनसे कोई बात नहीं हो पायी है। जिस कारण परिजनों में चिंता बनी हुई है। कस्बे के ही मोहज्जब अब्बास पिछले एक साल से ही कुम शहर में रह रहे हैं। हमले से कुछ समय पहले उनके मित्र गुलफाम रिजवी ने उनसे बात कर हालचाल लिया। लेकिन हमले होने के बाद से सम्पर्क कट गया है। कोई बात नहीं हो पायी है। जिसको लेकर परिजन व मोहल्ले वाले काफी परेशान हैं।
परिवार कर रहा सलामती की दुआ
लोगों ने सरकार से भी अपील की कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के बीच स्थानीय स्तर पर भी लोग अपने परिजनों की कुशलता के लिए दुआ कर रहे हैं। परिवार ने बताया कि हालात सामान्य होने की उम्मीद है और वे लगातार संपर्क में बने हुए हैं। फिलहाल परिजन अपने भाई, मामू, दोस्त और मां की सलामती की दुआ कर रहे हैं।




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