अविमुक्तेश्वरानंद की जान को खतरा; शिष्यों ने जताई आशंका, शिविर में लगवाए 10 सीसीटीवी कैमरे
प्रयागराज माघ मेला में स्नान को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन पर हमलावर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों ने उनकी जान को खतरा बताया है। शंकराचार्य के शिविर में दस सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।

प्रयागराज माघ मेला में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच चल रही तनातनी बढ़ती ही जा रही है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या के साथ ही बसंत पंचमी पर भी विरोध स्वरूप स्नान नहीं किया। वह एक हफ्ते से अपने शिविर में भी नहीं गए हैं। अब उनके शिष्यों ने अविमुक्तेश्वरानंद की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जता दी है। शिविर प्रबंधन का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से रात के अंधेरे में कुछ संदिग्ध और अपरिचित लोग शिविर के आसपास रेकी करते हुए देखे गए हैं। किसी भी अनहोनी या साजिश की आशंका को देखते हुए शंकराचार्य के शिविर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पूरे परिसर को तीसरी आंख (CCTV) की निगरानी में ला दिया गया है।
शिविर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि शंकराचार्य जी की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए शिविर के चारों ओर 10 हाई-डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि रात के सन्नाटे में कुछ अनजान लोग शिविर के आसपास मंडराते दिखे हैं, जो रेकी जैसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल प्रतीत होते हैं।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल
मीडिया प्रभारी ने केवल बाहरी तत्वों ही नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, "प्रशासन की तरफ से रात के अंधेरे में आकर नोटिस चस्पा कर दिया जाता है। ऐसे में हमें डर है कि प्रशासन कब क्या कर दे और क्या (संदिग्ध वस्तु) रखवाकर फंसाने का काम कर दे, इसका कोई भरोसा नहीं है। इसी दृष्टिकोण से कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर हरकत रिकॉर्ड हो सके।"
सुरक्षा एजेंसियों की भी निगरानी
शिविर प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान में सादी वर्दी में कई एलआईयू (LIU), प्रदेश और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियां शिविर के आसपास सक्रिय हैं। ऐसे में शिविर में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, इस पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है। कैमरों के जरिए आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे या साजिश को समय रहते भांपा जा सके।
भक्तों में बढ़ी चिंता
शंकराचार्य की सुरक्षा को लेकर शिष्यों द्वारा जताई गई इस आशंका के बाद माघ मेले में आए उनके अनुयायियों और भक्तों के बीच चिंता की लहर है। विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने कहा कि सीसीटीवी लगवाना हम लोगों की मजबूरी है। शंकराचार्य जी सड़क पर बैठे हुए हैं। यहां प्रशासन के गुंडे घूम रहे हैं। संत के वेश में शैतान घूम रहे हैं। उनसे शंकराचार्य की जान को खतरा है। कभी वो रात को आते हैं, वीडियो बनाते हैं और पकड़े जाने पर कहते हैं नोटिस देने आए थे। नोटिस दिन में देना चाहिए। रात में देने का क्या मतलब है। ऐसे में शंकराचार्य की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए हैं।




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