शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अब भी शिविर से बाहर, मेला सेक्टर 5 और 6 में जाकर संतों से की मुलाकात
शंकराचार्य मेला क्षेत्र में दंडी संन्यासी नगर पहुंचे। उन्होंने स्वामी ब्रह्माश्रम, स्वामी महेशाश्रम, स्वामी विमलदेव आश्रम, आचार्य बाड़ा के स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य, स्वामी घनश्यामाचार्य के शिविर में संतों से मुलाकात की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शंकराचार्य का स्वागत किया गया और आरती उतारी गई।

मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के लिए पालकी से जाने को लेकर हुए विवाद के बाद शुरू हुआ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का विरोध एक सप्ताह बाद भी जारी है। वह 18 जनवरी से अपने शिविर में नहीं गए हैं। शनिवार को भी शिविर के बाहर ही बैठे रहे। सर्द मौसम में लगातार बाहर बैठने से शुक्रवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी पर शनिवार को उन्होंने गोरक्षा कानून के लिए निकाली जा रही अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने मेला क्षेत्र के सेक्टर पांच व छह में जाकर संतों से मुलाकात की और सभी से गोरक्षा कानून के लिए डट कर खड़े रहने को कहा।
शंकराचार्य शनिवार को मेला क्षेत्र में दंडी संन्यासी नगर पहुंचे। यहां पर उन्होंने स्वामी ब्रह्माश्रम, स्वामी महेशाश्रम, स्वामी विमलदेव आश्रम, आचार्य बाड़ा के स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य, स्वामी घनश्यामाचार्य आदि के शिविर में पहुंचकर मौजूद संतों से मुलाकात की। अनुयायियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका स्वागत किया और आरती उतारी। कई शिविरों में जनसंपर्क के बाद वापस अपने शिविर के बाहर पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आम जन से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि मेला खत्म हो जाएगा लेकिन हमारा टेक जारी रहेगा। मेला फिर आएगा, हम फिर आएंगे और ऐसे ही शिविर के बाहर बैठेंगे। तब तक बाहर बैठेंगे जब तक अनादर करने वाले अपनी भूल नहीं सुधार लेते हैं। शनिवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अनिल मिश्र भी शंकराचार्य से मिलने पहुंचे।
‘मंत्री नंदी के आभारी हैं...’
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के सद्बुद्धि वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हम उनके आभारी हैं। उन्हें चाहिए यदि वो एक बार सद्बुद्धि आने की कामना कर रहे हैं तो चार-छह बार और करें। बता दें कि मंत्री ने अपने एक बयान में कहा है कि अच्छे कार्यों में बाधा डालने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें।
केशव के हाथ में पॉवर नहीं
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर शंकराचार्य ने शनिवार को एक बार फिर प्रतिक्रिया दी। कहा कि घटना के सात दिन बीत चुके हैं। उप मुख्यमंत्री ने कौन सी जांच करा ली है। ऐसा लगता है कि उनके हाथ में पॉवर नहीं है। उप मुख्यमंत्री के शंकराचार्य को मनाने के बयान के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को उनकी तारीफ भी की थी।
सुरक्षा के लिए शिविर में लगाया सीसीटीवी कैमरा
शंकराचार्य के शिविर में सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अनुयायियों ने आशंका जाहिर की कि कुछ अराजकतत्व किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि उनके कुछ शुभचिंतकों ने सूचना दी थी कि आपकी जान को खतरा हो सकता है। इस सूचना पर शिष्यों ने सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रस्ताव रखा। शिष्यों का आरोप है कि शनिवार की शाम को कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए शिविर में घुसने का प्रयास किया, इन लोगों से धक्का मुक्की होने की बात कही जा रही है।
छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारियों ने दिया समर्थन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारियों ने शंकराचार्य का समर्थन करते हुए न्याय की इस लड़ाई में उनका हर कदम पर साथ देने की बात कही है। पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्यामकृष्ण पांडेय, केके राय और सपा नेता संदीप यादव ने कहा कि जब-जब संगम की रेती पर संत-संन्यासियों पर हमला होगा तब-तब इस लड़ाई में वो साथ रहेंगे। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष अजीत यादव, संजय तिवारी, पूर्व उपाध्यक्ष बाबा अभय अवस्थी, अंशुमान मिश्रा, प्रो. हरिशंकर उपाध्याय, प्रभाशंकर मिश्रा, मुकुंद तिवारी, सुरेश यादव, अभिषेक यादव, विकास तिवारी, अखिलेश गुप्ता, देवधर तिवारी, विवेकानंद पाठक आदि मौजूद रहे।




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