shankaracharya Avimukteshwaranand chaturangini sena varanasi gauraksha strategy टोको, रोको, ठोको सिद्धांत, हाथ में होगा फरसा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बनाई चतुरंगिणी सेना, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

टोको, रोको, ठोको सिद्धांत, हाथ में होगा फरसा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बनाई चतुरंगिणी सेना

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में 'चतुरंगिणी सेना' के गठन का ऐलान किया है। 4 अंगों और 20 विभागों वाली यह सेना 'टोको, रोको और ठोको' के सिद्धांत पर काम करेगी। इन सैनिकों के हाथों में शस्त्र के रूप में फरसा होगा। इसका मुख्य उद्देश्य गौरक्षा और सनातन मूल्यों की रक्षा करना है।

Tue, 24 March 2026 07:27 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
share
टोको, रोको, ठोको सिद्धांत, हाथ में होगा फरसा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बनाई चतुरंगिणी सेना

ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 'शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना' का गठन कर दिया है। यह सेना सनातन धर्म की मान्यताओं के विरुद्ध कार्य करने वालों पर अंकुश लगाने और गौरक्षा के संकल्प को सिद्ध करने के लिए एक संगठित सैन्य शक्ति के रूप में कार्य करेगी। इसके संचालन के लिए 'शंकराचार्य चतुरंगिणी सभा' का औपचारिक गठन भी कर लिया गया है। शस्त्र के रूप में फरसा हाथों मे होगा। काशी के शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में शंकराचार्य ने इस सेना के बारे में विस्तार से बताया। अगले माघ में अमावस्या के दिन शंकराचार्य चतुरंगिणी के एक अक्षौहिणी सैनिक के साथ संगम स्नान करेंगे । उसके बाद सेना कार्य शुरू करेगी।

कार्यप्रणाली: टोको, रोको और फिर ठोको

शंकराचार्य ने इस सेना की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए तीन चरणों वाला सिद्धांत दिया है। कहा कि यह सेना टोको, रोको और ठोको सिद्धांत पर काम करेगी। उन्होंने विस्तार से बताया कि यदि कोई व्यक्ति या समूह धर्म विरुद्ध कार्य करता है, तो चतुरंगिणी सेना के सैनिक सबसे पहले उसे टोकेंगे (चेतावनी देंगे)। यदि वह नहीं मानता, तो उसे रोकेंगे (प्रतिरोध करेंगे)। यदि इन दोनों प्रयासों से समाधान नहीं निकलता, तो ठोकने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कौन हैं स्वाति अघोरी? आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले की ली जिम्मेदारी, क्या कनेक्शन

यहाँ 'ठोकने' का अर्थ स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि इसका तात्पर्य किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा से नहीं है। इसके बजाय, यह एक संवैधानिक प्रहार होगा। सेना के सदस्य संबंधित अधिकारियों या पुलिस प्रशासन से लिखित शिकायत करेंगे और उस शिकायत के निस्तारण के लिए जवाबदेही तय करेंगे। यह पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर किया जाने वाला 'प्रशासनिक प्रहार' होगा।

27 सदस्यीय पदाधिकारी

चतुरंगिणी सेना में 2 लाख 18 हजार 700 सदस्यों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें देशभर के लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने 27 सदस्यीय सेना के पदाधिकारियों की घोषणा भी कर दी है। यह सेना गौ-रक्षा, धर्म रक्षा, शास्त्र रक्षा और मंदिर रक्षा का कार्य करेगी। इसके लिए उन्होंने वस्त्र के रंग और औजार का भी ऐलान कर दिया है। उनके अनुसार, यह चतुरंगिणी सेना पीले वस्त्र में दिखाई देगी और उनके हाथ में परशु (फरसा) होगा। इस सेना के अध्यक्ष खुद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज होंगे।

सेना की संरचना: 4 अंग और 20 विभाग

चतुरंगिणी सेना को एक व्यवस्थित सैन्य ढांचे का रूप दिया गया है, जिसमें 4 प्रमुख अंग और कुल 20 विभाग शामिल किए गए हैं। इन अंगों का विभाजन मानवीय और सामाजिक क्षमताओं के आधार पर किया गया है।

मनबलांग (बौद्धिक शक्ति): इसमें संत, विद्वान, पुरोहित, अधिवक्ता और मीडिया विभाग शामिल होंगे। इनका कार्य बौद्धिक और कानूनी मोर्चे पर सनातन धर्म का पक्ष मजबूती से रखना होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अब फूट-फूटकर रोए शंकराचार्य परर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी, क्या बोले?

तनबलांग (शारीरिक शक्ति): इस अंग के योद्धा मल्ल युद्ध, लाठी, परशु और खड्ग विधाओं के माध्यम से धर्म की प्रत्यक्ष रक्षा सुनिश्चित करेंगे। यह शारीरिक रूप से सक्षम युवाओं का दस्ता होगा।

जनबलांग (स्वयंसेवक शक्ति): इसमें सार्वकालिक, वार्षिक, मासिक, साप्ताहिक और दैनिक श्रेणी के स्वयंसेवक होंगे, जो विभिन्न स्तरों पर धर्म-सेवा के कार्यों में संलग्न रहेंगे।

धनबलांग (आर्थिक शक्ति): यह सेना का पोषक आधार होगा। इसमें प्रकट और अप्रकट दाताओं के साथ-साथ भूमि, भवन और वस्तु दान करने वाले लोग सम्मिलित होंगे, ताकि सेना के अभियानों को आर्थिक गति मिल सके।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:आस्था पर आघात स्वीकार नहीं, शंकराचार्य के समर्थन में उतरीं राजा भैया की बेटी

शंकराचार्य का यह कदम सनातन धर्म को संगठित करने और विशेषकर गौरक्षा के मुद्दे पर समाज में एक नई चेतना जगाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।