etawa momos seller became millionaire through big daddy online gaming betting app arrest मोमोज बेचने वाला देखते-देखते बन गया करोड़पति, इस तरह लोगों को फंसाकर हुआ मालामाल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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मोमोज बेचने वाला देखते-देखते बन गया करोड़पति, इस तरह लोगों को फंसाकर हुआ मालामाल

यूपी की इटावा पुलिस ने एक ऐसे शातिर को गिरफ्तार किया है जो केवल चार वर्षों में मोमोज बेचते बचते करोड़पति हो गया। वह 'बिग डैडी' नामक ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप के जरिए युवाओं को फंसाकर खुद मालामाल हो गया।

Sat, 25 April 2026 07:46 AMYogesh Yadav इटावा, संवाददाता
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मोमोज बेचने वाला देखते-देखते बन गया करोड़पति, इस तरह लोगों को फंसाकर हुआ मालामाल

सोशल मीडिया के जरिए ‘बिग डैडी’ नामक एप से जोड़कर युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के जाल में धकेलने वाले एक शातिर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मोमोज बेचता था। इसी दौरान गेमिंग एप की मदद से जल्द अमीर बनने का झांसा देता। एजेंट के तौर पर काम करने वाला मोमोज और फास्टफूड ठेला संचालक देखते ही देखते करोड़पति बन गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया कि हरियाणा के रोहतक से एक ऑनलाइन शिकायत आई थी। इसपर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में कई लोगों के नाम सामने आए। इनमें से एक मैनपुरी फाटक के पास अड्डा जालिम निवासी शिवा कुशवाहा है। वह अपने भाई के साथ मिलकर फास्टफूड का ठेला लगाता था। इसने कुछ ही दिनों में काफी संपत्ति बना ली थी। जांच आगे बढ़ी तो पता चला की उसकी असली कमाई का जरिया कुछ और ही है।

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वह इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहकर बिग डैडी नामक ऑनलाइन गेमिंग एप का प्रचार-प्रसार करता था। इसके लिए वह आकर्षक वीडियो, स्क्रीनशॉट और फर्जी जीत के दावे दिखाकर युवाओं को लालच देता था। जांच में सामने आया कि शिवा बेहद शातिर तरीके से लोगों का विश्वास जीतता था। वह खुद को सफल ऑनलाइन गेमर बताकर दावा करता था कि उसने इस ऐप से लाखों रुपये कमाए हैं और दूसरे लोग भी थोड़े निवेश से बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं।

उसके झांसे में आकर कई युवक अपनी मेहनत की कमाई इस प्लेटफॉर्म पर लगा देते थे। शुरुआत में कुछ लोगों को मामूली लाभ दिखाकर भरोसा बढ़ाया जाता था, लेकिन बाद में अधिकांश लोग अपनी पूरी रकम गंवा बैठते थे। इस पूरी प्रक्रिया के बदले शिवा को कंपनी की ओर से कमीशन दिया जाता था। मामले में इंस्पेक्टर संजय सिंह की तहरीर पर 13 मार्च को शिवा कुशवाहा सहित नौ अन्य आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

गुरुवार को आरोपी को पुलिस मॉडर्न स्कूल के सामने से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में शिवा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह टेलीग्राम के माध्यम से एक कंपनी से एजेंट के रूप में जुड़ा था, जो बिग डैडी ऐप का संचालन करती थी। उसका काम सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ना और उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना था। लोगों के निवेश करने पर उसे तय कमीशन मिलता था, जिससे उसने कुछ ही वर्षों में बड़ी रकम इकट्ठा कर ली।

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एक करोड़ की ठगी से खरीदी कार, बाइक और आलीशान मकान

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने ठगी से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में किया। उसने अपने भाई के नाम पर करीब 22 लाख रुपये की कार खरीदी। इसके अलावा लगभग 50 लाख रुपये खर्च कर एक आलीशान मकान का निर्माण कराया। करीब 22 लाख रुपये की एक लग्जरी बाइक भी खरीदी। कुल मिलाकर आरोपी ने अब तक करीब एक करोड़ रुपये की अवैध कमाई कर ली थी।

साइबर ठगी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेगी पुलिस

पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जो अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे थे। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क का संचालन कहां से हो रहा था और इसमें किन-किन राज्यों के लोग जुड़े हुए हैं।

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