सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, कांवड़ उठाना होता है निषेध, कब तक दोष?
सावन के पहले सोमवार यानी 13 जुलाई को पंचक का साया आ गया है। पंचक में कांवड़ उठाना निषेध होता है। 13 जुलाई शाम 6.35 बजे से पंचक लगेगा। 17 जुलाई गुरुवार की रात्रि 3.39 बजे तक पंचक का दोष रहेगा। ऐसे में लंबी दूरी वाले अधिकतर कांवड़िये पहले ही हरिद्वार से चलेंगे।

सावन का पवित्र महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस बार सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया रहेगा जिससे लंबी दूरी तय करने वाले भक्त पचंक लगने से पहले ही कांवड़ उठाएंगे। वेस्ट यूपी, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली के करोड़ों शिवभक्त कांवड़ लाने के लिए हरिद्वार जाते हैं। इस बार सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को पड़ रहा है लेकिन 13 जुलाई की रविवार की सांय 6.35 बजे से पंचक शुरू हो रहा है। पंचक आगामी पांच दिनों तक रहेगा। पंचक 17 जुलाई गुरुवार को रात 3.39 मिनट पर समाप्त होगा।
ऐसे में पंचक को देखते हुए ज्यादातर कांवड़ियें सावन शुरू होने से पहले ही हरिद्वार जाने शुरू हो गए हैं। पंचक की वजह से भारी संख्या में कांवड़ती 11 जुलाई से लेकर 13 जुलाई की सांयकाल से पहले ही हरिद्वार से गंगाजल और कांवड़ लेकर पैदल यात्रा पर निकल जाएंगे। पंचक के बाद 18 जुलाई को हरिद्वार से कांवड़ उठाएंगे।
सावन के पहले सोमवार का व्रत 14 जुलाई को रखा जाएगा । पंडित ध्यानचंद कुश , संजीव शंकर का कहना है कि शास्त्र के अनुसार पंचक के पांच दिन होते हैं जिसमें कुछ विशेष कार्यों को करना वर्जित माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों को करने पर रोक होती है। जब चंद्रमा पांच नक्षत्रों से होकर गुजरता है, तो उसे पंचक कहा जाता है। इस दौरान शारीरिक और मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। दिशा यात्रा भी वर्जित है। इसलिए ज्यादातर कांवड़िये 11 जुलाई से लेकर 13 जुलाई की सांयकाल से पहले हरिद्वार से कांवड़ उठाएंगे। साथ ही बम-बम भोले की जयघोष कर गंतव्य को लेकर रवाना हो जाएंगे।
कांवड़ यात्रा को लेकर जिले में 10 से लागू होगा रूट डायवर्जन
सहारनपुर। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ में आ गया है। इसके तहत जिले भर की सुरक्षा की व्यू रचना तैयार कर ली है। महानगर में जिलाधिकारी और एसएसपी ने पैदल मार्च किया। दोनों अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा और मोहर्रम के जुलूस के दौरान ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जाएगी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी तैयार रहेंगे। उधर, श्रावण मास 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। 10 जुलाई से रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया जाएगा।




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