कीटनाशकों को प्रतिबंधित करने के मुद्दे पर सपा ने सदन से किया वॉकआउट, कृषि मंत्री से नोकझोंक भी
यूपी विधानसभा में गुरुवार को कीटनाशकों को प्रतिबंधित करने के मुद्दे पर सपा ने सदन से वॉकआउट किया। इस दौरान सपा और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के बीच जमकर नोंकझोंक हुई।

यूपी विधानसभा में गुरुवार को कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाने और जिलों में उर्वरकों की कमी के मुद्दे पर सपा और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के बीच जमकर नोंकझोंक हुई। सपा सदस्यों ने कैंसर और हार्ट अटैक के कारण बन रहे कीटनाशकों को प्रतिबंधित करने की मांग की वहीं किसानों के लिए खाद की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि जनता सपा सदस्यों को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है। इस पर दोनों पक्षों में तकरार के बाद सपा सदस्यों ने कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन का बहिर्गमन कर दिया।
प्रश्न प्रहर में सपा के समरपाल सिंह ने जानना चाहा कि क्या सरकार कैंसर और किडनी फेल व ह्रदय रोग के कारण बन रहे हानिकारक कीटनाशकों को प्रतिबंधित करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके इलाके में सैकड़ों लोगों को कैंसर हो रहा है। कुछ किडनी के मरीज हो गए हैं। हानिकारक कीटनाशकों का उपयोग तुरंत बंद किया जाए। सपा के राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने भी मांग उठाई कि क्या सरकार किसानों को खरीफ़ व रबी के फसलों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि दोनोंं फसलों के लिए करीब 800 किलों खाद की जरूरत होती है और सरकार केवल 280 किलो खाद ही उपलब्ध करवा रही है। सरकार को यह मात्रा बढ़ानी चाहिए।
इस पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि सपा को जनता सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है। सपा सदस्यों को यह तक नहीं मालूम की वे चाहते क्या हैं। एक सदस्य प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं तो दूसरे उर्वरक की मात्रा बढ़ाने को कह रहे हैं। पहले ये तय कर लें कि चाहते क्या हैं। इस पर सपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि मंत्री को कीटनाशक और उर्वरक में फर्क नहीं मालूम..।
सपा के सभी सदस्य अपनी सीट पर खड़े होकर कृषि मंत्री को घेरने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सख्त लहजे में नाराज़ होते हुए कहा कि आप सभी अपनी जगह पर खड़े होकर बोलिए..अब मैं किसी को नहीं टोकूंगा...। इस पर सपा सदस्य अपनी सीट पर बैठे। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार हानिकारक कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार ने 49 रसायनों को प्रतिबंधित किया है।
राज्य सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती के लिए प्रतिबद्ध है। बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती शुरू कराई गई है। सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि धरती माता बीमार पड़ रही है। कीटनाशकों का प्रयोग ज्यादा हो रहा है। उसी के बाद राज्य सरकार ने इस पर गंभीरता से काम शुरू किया है। जहां तक खाद की उपलब्धता की बात है तो किसी भी जिले में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। कृषि मंत्री के जवाब से सपा सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।




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