जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, उन्हीं जैसा था सालार मसूद; भारत को लूटने आया था, बोले- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि सालार मसूद माफिया से कम नहीं था। अभी जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, वो उसी विचारधारा से आता है। उसने हमारे मंदिरों को तोड़ा। सिर्फ सोमनाथ मंदिर ही नहीं बल्कि अयोध्या की रामजन्म भूमि को भी क्षतिग्रस्त कियाथा। महाराज सुहेल देव ने सालार मसूद को मारकर जनता को दासता से मुक्त कराया था।

भारतेन्दु नाट्य अकादमी, लखनऊ की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस दौरान एक वाकए का जिक्र करते हुए कहा कि जहां सालार मसूद को मारा गया था। वहां उसके नाम से मेला लगता था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव का नाम कोई नहीं लेता था। भारतीय समाज ने उन्हें भुला दिया था। एक हजार साल बाद पीएम मोदी ने उन्हें सम्मान दिलाया। हमारी सरकार ने वहां उनके नाम पर आयोजन शुरू किए। आज सालार मसूद के मेले से ज्यादा भीड़ वहां जुटती है।
माफिया जैसा था सालार मसूद
सीएम योगी ने कहा कि सालार मसूद माफिया से कम नहीं था। अभी जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, वो उसी विचारधारा से आता है। उसने हमारे मंदिरों को तोड़ा। सिर्फ सोमनाथ मंदिर ही नहीं बल्कि अयोध्या की रामजन्म भूमि को भी क्षतिग्रस्त किया था। महाराज सुहेल देव ने सालार मसूद को मारकर जनता को दासता से मुक्त कराया था। और ऐसी सजा दी थी, जिसे मुस्लिमों में सबसे बुरी मौत माना जाता है। सालार मसूद को महाराज सुहेलदेव ने जहन्नुम भेजने का काम किया था। ऐसे नायकों पर नाटक तैयार करने चाहिए और उनका मंचन स्कूलों और कॉलेजों में होना चाहिए ताकि आज की पीढ़ी उनके बारे में जानें। उन्होंने आगे कहा कि वोट बैंक में फर्क न पड़े, इसलिए लोग बिजली पासी का नाम नहीं लेंगे। लक्ष्मीबाई का नाम नहीं लेते हैं।
बच्चों को महाराज सुहेलदेव का मंचन दिखाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि कि आज सिनेमा अच्छा प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा है। समाज भी उसे इसी तरह से ले रहा है। अब सबसे प्रचलित रामायण कार्यक्रम हुआ। यह समाज की संस्कृति को दर्शाता है। सीएम ने वाराणसी में भारतेंदु हरिश्चंद्र पर देखे नाटक का भी जिक्र किया। स्कूल कॉलेजों में महारानी लक्ष्मीबाई के नाटक का मंचन हो, महाराजा सुहेलदेव की कहानी को दिखाया जाए तो बच्चे सीखें। सीएम योगी ने कहा कि कोरोना से लोगों के बचाव के लिए लॉकडाउन लगा। कामगार जब घरों को लौटे तब सरकार उनके साथ खड़ी। उनको न सिर्फ घर पहुंचाया बल्कि उन्हें निशुल्क राशन भी उपलब्ध कराया। जब सरकार संवेदनशील नहीं होती तब वैसी स्थिति होती है, जैसा हमने 'आनंद मठ' नाटक की प्रस्तुति में देखा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारतेंदु नाट्य अकादमी के संपूर्ण भवन एवं दो प्रेक्षागृहों का लोकार्पण किया। 22 करोड़ की लागत से इनका जीर्णोद्धार कराया गया है। इस मौके पर 15 कलाकारों को सम्मानित भी किया। आपको बता दें 12 अप्रैल तक चलने वाले इस समारोह में नाट्य संस्थाएं दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक नाटकों का मंचन करेंगी।




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