373 दिन का मायाजाल और 1.57 करोड़ की ठगी: फर्जी जुकरबर्ग ने शिक्षिका को ऐसे किया कंगाल
शातिरों ने एलिसन वीम्स को 373 दिनों तक अपने जाल में फंसाए रखा। अमेरिका से कानपुर आकर यहां स्कूल खुलवाने, उसका सारा कार्यभार एलिसन को सौंपने का सपना दिखाया। ठगों ने सबसे पहले 30 जनवरी 2025 को केवल तीन हजार रुपये खाते में ट्रांसफर कराए थे। तकरीबन एक साल में 1.57 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।

UP News: ‘मार्क जुकरबर्ग’ बने साइबर ठग ने कानपुर की रिटायर शिक्षिका एलिसन वीम्स को पहला सपना महज 3000 रुपये में बेचा और यही भारी-भरकम साइबर ठगी की स्क्रिप्ट का पहला चैप्टर बन गया। तकरीबन एक साल में मैडम एलिसन ने फर्जी जुकरबर्ग व अमेरिकी सिंगर जोश टर्नर को 1.57 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शातिरों ने एलिसन वीम्स को 373 दिनों तक अपने जाल में फंसाए रखा। अमेरिका से कानपुर आकर यहां स्कूल खुलवाने, उसका सारा कार्यभार एलिसन को सौंपने का सुहाना सपना दिखाया। ठगों ने सबसे पहले 30 जनवरी 2025 को केवल तीन हजार रुपये खाते में ट्रांसफर कराए थे। इसके बाद उन्हें इस कदर भरोसे में लिया कि लाखों रुपये ट्रांसफर करने शुरू कर दिए। आखिरी बार उन्होंने इस साल सात फरवरी को बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 8:73 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। उन्हें ठगी का एहसास तब हुआ जब शातिरों ने और रुपये मांगने शुरू कर दिए। रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल आरोपितों के खाते का डाटा खंगाल कर उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
कानपुर के चकेरी के आनंद नगर में रहने वाली एलिसन वीम्स मेथाडिस्ट स्कूल की रिटायर शिक्षिका हैं। रिपोर्ट दर्ज कराते हुए उन्हें बताया था कि पिछले साल की शुरुआत में फेसबुक के माध्यम से एक शख्स से दोस्ती हुई थी। चैटिंग के दौरान उसने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताकर पहले विश्वास जीता, फिर शहर में स्कूल खोलने की बात कही। इसके बाद आईं दो कॉल में अमेरिकी सिंगर व एलन मस्क का सहयोगी बताकर शातिर ने जल्द ही खोले जा रहे स्कूल में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने का झांसा दिया। इसके बाद उनसे सिक्योरिटी मनी समेत अन्य कामों के नाम पर विभिन्न 1.57 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इस दौरान उन्होंने 90 बार ट्रांजेक्शन किया। साइबर ठगों ने जब विजडम कैपिटल नाम की एक कंपनी में उनका पैसा लगाने और रकम निकालने के लिए और रुपये की मांग की तो उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर साइबर एक्सपर्ट टीम आरोपियों के खातों की डिटेल खंगाल रही है। इसी आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
हजारों से लाखों में पहुंची डिमांड
साइबर ठगों ने बीते साल 30 जनवरी को सबसे पहला तीन हजार रुपये जमा कराया, फिर फरवरी में चार हजार। इसके बाद 1.75 लाख रुपये की डिमांड की। मार्च में सात हजार फिर दो लाख, अप्रैल में एक लाख से लेकर चार लाख रुपये तक हड़पे। इसके बाद रकम की डिमांड बढ़ाते चले गए। मई-जून में तीन से चार लाख के बाद 29 दिसंबर को 15.90 लाख रुपये जमा कराए। इस साल एक जनवरी को 11.69 लाख रुपये, पांच जनवरी को 10 लाख और सात फरवरी को 8. 73 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
सबसे बड़े ट्रांजेक्शन
- 29/12/2025 को एसबीआई से 15.90 लाख
- 01/01/2026 को बीओबी से 11.69 लाख
- 05/01/2026 को बीओबी से 10 लाख
- 07/02/2026 को बीओबी 8.73 लाख
पांच बैंकों से ट्रांजेक्शन
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया : 33
- बैंक ऑफ इंडिया : 20
- पंजाब नेशनल बैंक : 31
- इंडियन ओवरसीज बैंक : 3
- बैंक ऑफ बड़ौदा : 3




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