Retired DGM of UPPCL was digitally arrested for two days and Rs 47 lakh was transferred from the bank CBI बनकर रिटायर DGM को दो दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, 47 लाख करा लिए ट्रांसफर, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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CBI बनकर रिटायर DGM को दो दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, 47 लाख करा लिए ट्रांसफर

यूपीपीसीएल के रिटायर डीजीएम ओम प्रकाश नारायण को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर उनके बैंक खाते से 47 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए हैं। साइबर जालसाजों ने खुद को सीबीआई का अफसर बताकर व्हाट्सऐप वीडियो काल की थी।

Sun, 16 Nov 2025 07:05 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता
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CBI बनकर रिटायर DGM को दो दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, 47 लाख करा लिए ट्रांसफर

यूपीपीसीएल के रिटायर डीजीएम ओम प्रकाश नारायण को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर उनके बैंक खाते से 47 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए हैं। साइबर जालसाजों ने खुद को सीबीआई का अफसर बताकर व्हाट्सऐप वीडियो काल की थी। व्हाट्सऐप डीपी पर सीबीआई का लोगो लगा रखा था। मनी लांड्रिंग के केस में जेल भेजने की धमकी देकर डराया गया। ओम प्रकाश नारायण ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव के मुताबिक 80 साल के ओम प्रकाश नारायण आलमबाग में रहते हैं। 11 नवंबर को उनके पास एक नंबर अंजान नंबर से वीडियो काल आई। व्हाट्सएप डीपी पर सीबीआई का लोगो लगा था। उसने खुद को सीबीआई का अफसर बताया। जेल भेजने की धमकी देते हुए कहा कि आपके आधार कार्ड से एक बैंक खाता खोला गया है। उसमें करोड़ों रुपये का लेन देन हुआ है। मनी लांड्रिंग का केस आपके खिलाफ दर्ज है। धमकाते हुए कहा कि किसी को बताना नहीं। आपके नाम से गिरफ्तारी का वारंट बाम्बे हाईकोर्ट से जारी है।

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ओम प्रकाश ने बताया कि वह डर गए। जालसाजों ने उन्हें बैंक खाते दिए जांच के नाम पर उन खातों में रुपये मांगे। जालसाजों के बताए गए खाते में एक बार में 36 लाख रुपये का आरटीजीएस किया। इसके बाद 11 लाख रुपये निफ्ट किए। इसके बाद जालसाजों की और डिमांड बढ़ती गई। आशंका होने पर फोन काटा। परिवारीजनों को सूचना दी। पता चला कि साइबर जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट किया था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। साइबर फ्राड के नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मोबाइल नंबर के आधार पर जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जालसाजों ने दो बैंक खातों में रुपये मंगाए थे, फ्रीज करने की प्रक्रिया की जा रही है।

मोबाइल पर लगाई कोर्ट, वारंट जारी का डर दिखाया

पीड़ित के मुताबिक जालसाजों ने वीडियो काल पर ही कोर्ट लगा दी। कहा कि बाम्बे हाईकोर्ट से वारंट जारी है। तत्काल गिरफ्तारी के आदेश हैं। कोर्ट में सुनवाई भी आज ही है। पीड़ित ने बताया कि उन्हें जालसाजों ने सोंचने समझने का मौका ही नहीं दिया। इतना डरा दिया कि कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। जालसाजों ने कोर्ट में वीसी का हवाला देते हुए एक व्यक्ति को सामने खड़ा किया। बोले यह जज साहब हैं। उसने खुद को जज बताते हुए वारंट जारी होने की पुष्टि की। वीडियो काल पर ही केस की सुनवाई की। सब कुछ सही समझ आ रहा था। इस लिए जालसाजों के चंगुल में फंसता चला गया था।

निवेश के नाम पर वृद्ध से 50 लाख ठगे

लखनऊ। साइबर जालसाजों ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर वृद्ध से 50 लाख रुपये ठग लिए। साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक पीड़ित वृद्ध 60 वर्षीय अवधेश कुमार सिंह विवेकखंड एक के रहने वाले हैं। फेसबुक रील पर विप्रो के संस्थापक की एक रील उन्होंने देखी। उस पर एक लिंक था। 10 से 50 फीसद अधिक मुनाफे का प्रलोभन दिया गया। इसके बाद आईपीओ के लिए एक अकाउंट खुलवाया गया। सात बार में करीब 50 लाख रुपये का निवेश किया। इसके बाद जालसाजों ने ब्लाक कर दिया।

गन्ना संस्थान में फर्जी मेल आईडी बनाकर मांगी गुप्त सूचनाएं

लखनऊ। साइबर जालसाजों ने फर्जी मेल आईडी बनाकर गन्ना संस्थान के वरिष्ठ अफसरों को मेल भेजा। उनसे गुप्त विभागीय सूचनाएं मांगी। मामले की जानकारी होने पर उप गन्ना आयुक्त सांख्यिकी राम नरेश यादव ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

राम नरेश यादव के मुताबिक सात नवंबर को फर्जी मेल आईडी upcanecomm@gmail.com से संस्थान के कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागीय ईमेल आईडी पर एक मेल आया। मेल के द्वारा बताया गया कि अब संस्थान की मेल आईडी canecommup@ gmail.com को बदल कर यह upcanecomm@gmail.com आईडी कर दी गई है। सूचनाएं upcanecomm@gmail.com पर भेजी जाएं।

राम नरेश के मुताबिक कोई लिखित में पत्र न आने पर कुछ शक हुआ। आईडी और इसे भेजने वाले के बारे में तफ्तीश शुरू की गई। इस बीच एक और मेल आया। मेल में दोबारा विभागीय जानकारी मांगी गई। पता चला कि मेल आईडी फर्जी है।

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