नीला ड्रम कांड करने वाली मुस्कान और साहिल को राहत मुश्किल, हिमाचल घुमाने वाला पहुंचा कोर्ट
यूपी के मेरठ में नीला ड्रम कांड करने वाली मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को राहत बेहद मुश्किल हो गई है। दोनों को हिमाचल घुमाने के लिए ले जाने वाले कैब चालक ने कोर्ट में पहचान लिया है। पति सौरभ को मारकर नीले ड्रम में भरने के बाद दोनों 14 दिन के लिए घूमने हिमाचल गए थे।

पति सौरभ को मारकर सीमेंट के घोल के साथ नीले ड्रम में भरने वाली मुस्कान और उसे प्रेमी साहिल को किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। पूरे देश को हिला देने वाले यूपी के मेरठ में हुए इस कांड की जिला जज की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कैब चालक अजब सिंह की गवाही कराई गई। अजब सिंह, साहिल और मुस्कान को वीडियो कांफ्रेंस पर देखकर पहचान गया और बताया कि इन्हें ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड लेकर गया था। कैब चालक से वकील ने जिरह भी की। अब अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।
मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर तीन मार्च की रात पति सौरभ की हत्या कर दी थी। लाश को टुकड़ों में कर नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से जमा दिया था। इसके बाद साहिल, मुस्कान चार मार्च को कैब लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड चले गए थे। 17 मार्च को दोनों वापस आए और 18 मार्च को केस का खुलासा हुआ। इसी रोज पुलिस ने लाश बरामद की। 19 मार्च को साहिल, मुस्कान को पुलिस ने कोर्ट के समक्ष पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेजा गया। फिलहाल दोनों जेल में बंद हैं और केस की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कराई जाती है। मंगलवार को भी केस की सुनवाई जिला जज अनुपम कुमार की कोर्ट में हुई।
यहां कैब चालक अजब सिंह की गवाही कराई गई। वादी पक्ष के वकील विजय बहादुर सिंह ने अजब सिंह को कोर्ट में बुलवाया। अजब सिंह का आमना सामना वीडियो कांफ्रेंस से कराया गया। अजब सिंह ने साहिल और मुस्कान को पहचान लिया। बताया कि ये दोनों घटना के समय से अब काफी अलग दिख रहे हैं। इन्हीं दोनों को हिमाचल और उत्तराखंड लेकर गया था। यह भी बताया कि साहिल के बाल उस समय बड़े-बड़े थे और मुस्कान भी पहले से बदल गई है।
कैब चालक से हुए यह सवाल
अजब सिंह से पूछा गया कि मुस्कान-साहिल ने कब और कैसे कैब बुक की? कहां से दोनों कैब में सवार हुए और मेरठ से निकलने के बाद पहली बार कहां रुके थे। कहां-कहां और कितने दिन साहिल और मुस्कान घूमे? किस शहर में किस स्थान पर किस होटल में रहे और क्या खाया-पीया? मेरठ वापसी कब हुई और कितना किराया दिया था।
अजब सिंह ने बताया कंपनी से बुकिंग मिली थी। दिल्ली चुंगी से दोनों को कार में बैठाया था। इसके बाद कई जगह गए थे। दोनों 14 दिनों तक मसूरी, कसौली और शिमला में घूमे थे। दोनों सामान्य दिख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि दोनों प्रेमी युगल हैं। वकील विजय बहादुर सिंह ने बताया कि डिफेंस काउंसिल रेखा जैन ने मामले में समय लिया है। अब 21 नवंबर को जिरह होगी।
12 गवाहों की गवाही हो चुकी है पूरी
इस मामले में अब तक कुल 12 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। इनमें सौरभ के भाई बबलू राजपूत, मां रेणु देवी, चाकू बेचने वाला दुकानदार, ड्रम विक्रेता, मेडिकल स्टोर संचालक, डॉक्टर, सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार और डॉ. दिनेश सिंह जैसे प्रमुख गवाह शामिल हैं।




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