लखनऊ में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, दिन का पारा 7.5 डिग्री नीचे, जानिए अन्य जिलों का हाल
राजधानी में लगातार हो रही रिमझिम बारिश ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गुरुवार सुबह से शाम तक 22.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। साथ ही दिन का तापमान सामान्य 7.5 डिग्री नीचे आ गया। वहीं, झांसी, बाराबंकी और फुर्सतगंज में दिन के सबसे कम तापमान का रिकॉर्ड किए गए।

चक्रवाती तूफान मोंथा के असर से यूपी के ज्यादातर जिलों में बारिश हुई। झांसी, बाराबंकी और अमेठी के फुर्सतगंज में अक्तूबर माह का अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। यानी जब से इन जिलों के केन्द्रों पर तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है, तब से अब तक का सबसे कम तापमान रहा। राजधानी में लगातार हो रही रिमझिम बारिश ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गुरुवार सुबह से शाम तक 22.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। साथ ही दिन का तापमान सामान्य 7.5 डिग्री नीचे आ गया। यह 23.9 दर्ज किया गया।
यूपी में गुरुवार को 19 जिलों में बारिश हुई और 20 जिलों में दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार झांसी में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 10.7 डिग्री नीचे रहा। बाराबंकी में 22.5 रहा जो सामान्य से 8.6 डिग्री कम रहा। फुर्सतगंज में 22.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया जो सामान्य से 8.2 डिग्री कम था। इसके अलावा सुलतानपुर में अधिकतम तापमान 23.3, सामान्य से 6.8 डिग्री कम, लखनऊ में 23.9, सामान्य से 7.5 डिग्री कम रहा।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी विदर्भ और दक्षिणी छत्तीसगढ़ पर केंद्रित निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश भर में जोरदार वर्षा हुई और अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह स्थिति पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 48 घंटे तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में 24 से 30 अक्तूबर की अवधि में पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य से 1707 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह वृद्धि 1476 और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1585 फीसदी रही।
पूर्वांचल में बारिश ने कराया ठंड का अहसास
पूर्वांचल में बुधवार से शुरू हुआ हवा और बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी चला। वाराणसी समेत कई जिलों में सुबह से ही तेज हवा के साथ रुक-रुक कर बारिश होती रही। बलिया, आजमगढ़ और मऊ में तो लगातार तीन दिनों से कभी तेज और कभी रिमझिम बरसात जारी है। जौनपुर में बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया। जहां स्कूल खुले थे, वहां बच्चों के साथ अभिभावकों को भी काफी परेशानी हुई। हवा और बारिश के चलते तापमान में गिरावट से ठंड का एहसास भी होने लगा है। तीन दिनों में तापमान लगभग पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है।
गोरखपुर में 10 मिलीमीटर हुई बारिश
गोरखपुर-बस्ती मंडल में मोंथा का असर चौथे दिन भी दिखा। पूरे दिन बादल छाए रहे। सुबह से देर शाम तक रुक-रुक कर कभी बूंदाबांदी कभी हल्की बारिश होती रही। गोरखपुर में 10 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे तापमान में भी गिरावट आई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री, जबकि न्यूनतम 21.21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से धान की फसल को नुकसान पहुंचा, जबकि आलू-मटर की बुआई पर असर पड़ा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
बारिश संग तेज हवाओं ने बढ़ाई ठंड
प्रयागराज में तेज हवाओं के साथ दिनभर रुक रुककर बारिश होती रही। काली घटाओं की वजह से दोपहर में ही अंधेरा छा गया था। घरों में पंखा, कूलर व एसी बंद करना पड़ा और लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए। बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट के साथ 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
कानपुर में भी गिरा पारा
कानपुर में हल्की से मध्यम बारिश हुई। दिन का पारा 03.4 डिग्री सेल्सियस गिर कर 24.7 पर पहुंच गया। यह सीजन (अक्टूबर) का सबसे कम तापमान है। इसने दिन में भी सर्दी का अहसास कराया।
लखनऊ में क्या हाल
लखनऊ में बारिश तेज नहीं थी, लेकिन दोपहिया पर चलने वालों को अच्छी-खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह जलभराव भी हो गया। सुबह से शाम तक रह रह कर कुछ इलाकों में बारिश तेज हो जा रही थी। इसकी वजह से मेट्रो के पुल, फ्लाईओवरों और जगह-जगह अंडरपास के नीचे दो पहिया सवार रुक कर बारिश हल्की होने का इंतजार करते दिखे। शहर में इस वजह से कई जगह जाम की स्थिति लगातार बनी रही। मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में उठे मोंथा तूफान और अरब सागर से आ रही जेट स्ट्रीम की वजह से आया।
इसके पहले अक्तूबर 2022 में एक दिन में सर्वाधिक 65.5 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। वर्ष 2023 में 5.8 और 2024 में सर्वाधिक वर्षा एक दिन में कुल 15 मिलीमीटर रही थी। दूसरी ओर बादल घिरे रहने और नमी की अधिकता हवा में 96 फीसदी तक पहुंच जाने के कारण न्यूनतम तापमान में 6.6 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
अमौसी स्थित मौसम केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान मोंथा का अवशेष सुबह 8:30 बजे पूर्वी विदर्भ और छत्तीसगढ़ पर हवा के निम्नदाब के रूप में स्थित था। इसके उत्तर की ओर आगे बढ़ते हुए कमजोर पड़ने की संभावना है। उधर निम्न क्षोभमंडल में दक्षिणी हरियाणा और राजस्थान के ऊपर एक हवा की चक्रवाती स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से बुधवार से मौसम बदला और गुरुवार की रात तक बारिश होती रही।
आज भी रहेगा बदली-बारिश का सिलसिला
बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी थमता नहीं दिख रहा है। अमौसी स्थित मौसम मुख्यालय के अनुसार मोंथा के अवशेष का असर शुक्रवार दोपहर बाद तक जारी रह सकता है। इसके बाद यह कमजोर हो जाएगा। इसके बावजूद पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसके प्रभावी रहने की वजह से बादलों की आवाजाही यहां भी बनी रह सकती है। इस मौसमी परिस्थिति का असर खत्म होते ही पछुआ का प्रभाव बढ़ जाएगा। इससे रात के न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट शुरू होगी।




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