यूपी के इस जिले में रेलवे ने दुकानों पर लगाई सील, तैनात करनी पड़ी जीआरपी और आरपीएफ की फोर्स
मुरादाबाद में रोडवेज के सामने रेलवे की जमीन पर बनी दुकानों को हटाने के लिए शुरू किए गए अभियान का सोमवार को व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया। सील लगाने की कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने जमकर नारेबाजी की।

यूपी के मुरादाबाद में रोडवेज के सामने रेलवे की जमीन पर बनी दुकानों को हटाने के लिए शुरू किए गए अभियान का सोमवार को व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया। सील लगाने की कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने जमकर नारेबाजी की। काफी सुरक्षा व तनाव के बीच रेलवे की ओर से तीन दुकानों पर सील लगा दी गई। इसके बाद तनातनी के बीच नगर विधायक मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की, जिस पर कार्रवाई रोक दी गई। हालांकि जल्द ही दुकानें खाली कराने की बात रेलवे प्रशासन कह रहा है।
रोडवेज के सामने रेलवे की जमीन पर बनी दुकानों को हटाने के लिए सोमवार को फिर से रेलवे ने प्रयास किया। व्यापारियों के विरोध के कारण यह कार्रवाई नहीं हो सकी। कहा कि रेलवे के पास कोर्ट के कागजात भी नहीं हैं। किस आदेश पर ये दुकानें खाली कराई जा रही हैं। शुक्रवार को भी रेलवे ने इन दुकानों से अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया था, लेकिन विरोध के कारण व्यापारियों को तीन दिन का समय दे दिया था। सोमवार को दोपहर 12.30 बजे के करीब आरपीएफ, जीआरपी व तीन थानों की फोर्स वहां पहुंच गई और दुकानों को खाली कराने का प्रयास करने लगे। रेलवे प्रशासन का तर्क है कि जमीन रेलवे की है और इस पर लंबे समय से अतिक्रमण कर दुकानें संचालित की जा रही थीं।
85 दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकान खाली कराने को कहा गया था। सोमवार को नोटिस के बाद रेलवे ने कार्रवाई शुरू की तो व्यापारियों ने जमकर विरोध किया। कहा कि जब तक प्रशासन उन्हें वैकल्पिक जगह नहीं देता, तब तक कार्रवाई का विरोध करेंगे। इस दौरान जबरिया तीन दुकानों पर सील लगाया गया। इन दुकानों का मामला अभी कोर्ट में नहीं पहुंचा है। इस दौरान व्यापारियों ने दुकानें सील करने पर टीम से रिसीविंग व लिखकर देने को भी कहा। विरोध ज्यादा बढ़ा तो नगर विधायक रीतेश गुप्ता वहां पहुंच गए। उन्होंने वहां अधिकारियों से बातचीत की। विधायक के हस्तक्षेप के कुछ देर बाद कार्रवाई रोक दी गई। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दुकानों का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में यह कार्रवाई ठीक नहीं है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद की जाएगी।
बिना तैयारी के पहुंची रेलवे की टीम, लौटना पड़ा खाली हाथ
रेलवे की टीम सोमवार को दुकानों को खाली कराने पहुंची, लेकिन उसके पास कोर्ट के कागजात नहीं थे। व्यापारियों ने इसी का विरोध जताया कि किस आधार पर उनकी दुकानें खाली कराई जा रही हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है और इसकी जानकारी रेलवे को भी है। सिर्फ दबाव बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है, जिससे कि व्यापारी खुद ही दुकान खाली कर दे। व्यापारी नेता संजय अरोरा ने कहा कि रेलवे की टीम कागजात दिखाए तो हम दुकान खुद ही खाली कर देंगे। कोई कागजात नहीं है। व्यापारियों ने दुकानों पर सील लगाने का भी विरोध किया। आक्रोश बढ़ता देख रेलवे के अधिकारी भी कुछ देर बाद शांत हो गए।




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