50 हजार रिश्वत लेते प्राइमरी स्कूल की प्रधानाध्यापिका रंगेहाथ गिरफ्तार, कमीशन में मांगे थे 2 लाख रुपये
यूपी के बरेली जिले में प्राइमरी स्कूल में तैनात एक प्रधानाध्यापिका 50 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हो गई है। धानाध्यापिका के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद जेल भेज दी गई है।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। यहां एंटी करप्शन की टीम ने बुधवार को म्यूड़ी खुर्द प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को ठेकेदार से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। खबर फैलने पर विभाग में हड़कंप मच गया। प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के बाद जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। उसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया। प्रधानाध्यापिका ने कमीशन में दो लाख रुपये मांगे थे।
बारादरी के चंद्रगुप्तपुरम कॉलोनी निवासी सरिता वर्मा वर्ष 2008 से प्राथमिक विद्यालय म्यूड़ी खुर्द में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात हैं। हाल में विद्यालय में निर्माण कार्य के लिए करीब 12 लाख का बजट स्वीकृत किया था। बिल्डिंग के निर्माण की जिम्मेदारी पीलीभीत के राजानगर कॉलोनी निवासी ठेकेदार राजकुमार को दी गई। ठेकेदार का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका सरिता वर्मा ने कमीशन के रूप में दो लाख रुपये मांग रही थी। उससे एक लाख वह ले चुकी थीं। अब 50 हजार रुपये और देने का दबाव बना रही थीं। मौखिक के साथ लिखित वाट्सएप पर रुपये की मांग करने पर ठेकेदार ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की।
टैप टीम प्रभारी प्रवीण सान्याल के नेतृत्व में बुधवार दोपहर 12:15 बजे ठेकेदार प्रधानाध्यापिका सरिता वर्मा को रिश्वत के रुपये देने पहुंचा। रुपये देकर उसके विद्यालय से बाहर आते ही ट्रैप टीम के सदस्यों ने प्रधानाध्यापिका को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बीएसए संजय सिंह ने बताया कि प्रकरण की जानकारी हुई है। एफआईआर की कॉपी प्राप्त होते ही प्रधानाध्यापिका पर कार्रवाई की जाएगी।




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