अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बोलीं, रामराज्य के आदर्शों से बनेगा विकसित भारत
अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि कि भारत आज एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रामराज्य के आदर्शों से विकसित भारत बनेगा।
रामनगरी अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की प्रगति और सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत आज एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनका मानना है कि प्रभु श्री राम के आदर्शों और आशीर्वाद से भारत वर्ष 2047 या उससे पहले भी अपने विकास लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज की आधुनिक सोच में विकसित राष्ट्र की जो परिकल्पना की जाती है, उसके मूल तत्व रामराज्य के वर्णन में पहले से ही मौजूद हैं। रामराज्य केवल एक धार्मिक या ऐतिहासिक अवधारणा नहीं, बल्कि एक आदर्श शासन प्रणाली का प्रतीक है, जिसमें न्याय, समानता और जनकल्याण सर्वोपरि हैं।
उन्होंने कहा कि माता शबरी से प्रभु श्रीराम का भावपूर्ण मिलन, निषादराज से उनका स्नेह संबंध, युद्ध में कोल, भील और वानरों का सहयोग लेना तथा जटायु, जाम्बवन्त और गिलहरी सभी को सम्मान और प्रेरणा प्रदान करना, ऐसे अनेक प्रसंग एक सर्वसमावेशी जीवन दर्शन का आदर्श प्रस्तुत करते हैं।
सबके प्रति अपनेपन के भाव के साथ हम राष्ट्र निर्माण करें
उन्होंने कहा कि रामराज्य का मूल उद्देश्य आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ सामाजिक समरसता को स्थापित करना है, जहां हर वर्ग को समान अवसर मिले और किसी के साथ भेदभाव न हो। आज के संदर्भ में सामाजिक समावेश और आर्थिक न्याय के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा हेतु भी राष्ट्रीय लक्ष्य तय किए गए हैं और उन्हें कार्यरूप दिया जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वे चाहती हैं कि सभी देशवासी घट-घट व्यापी राम के पवित्र भक्तिभाव के साथ एकात्म होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि तुझमें राम, मुझमें राम, सबमें राम समाया की भावना के साथ राम भक्ति के पवित्र बंधन से एकजुट होकर और सबके प्रति अपनेपन के भाव के साथ हम राष्ट्र निर्माण करें।
देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं और एकता, सहयोग तथा नैतिक मूल्यों को अपनाएं, ताकि भारत आर्थिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से एक आदर्श राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सके।




साइन इन