जेडआरयूसीसी बैठक में ‘कवच’ तकनीक छाई
Prayagraj News - उत्तर मध्य रेलवे की जेडआरयूसीसी की बैठक में 'कवच' तकनीक और यात्री सुविधाओं पर चर्चा हुई। बैठक में सांसदों और विधायकों ने नई ट्रेनों और सुविधाओं के प्रस्ताव रखे। जीएम ने बताया कि प्रयागराज-कानपुर रेलखंड में 'कवच' तकनीक लागू की जा चुकी है। 46 स्टेशनों में से 17 का कार्य पूरा हुआ है।

उत्तर मध्य रेलवे की 10वीं क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति (जेडआरयूसीसी) की द्वितीय बैठक बुधवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में हुई। इसमें रेलवे सुरक्षा के लिए लागू की जा रही ‘कवच’ तकनीक और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर विशेष मंथन हुआ। बैठक में राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी, लोकसभा सांसद संध्या राय (दतिया) और विधायक मनीषा अनुरागी(राठ) समेत समिति के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नई ट्रेनों के संचालन से लेकर यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के प्रस्ताव रखे। हालांकि, फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल और इलाहाबाद सांसद उज्जवल रमण सिंह की जगह उनके प्रतिनिधि पहुंचे। वहीं, उत्तर मध्य रेलवे के जीएम नरेश पाल सिंह ने कहा, प्रयागराज-कानपुर रेलखंड के 190 किलोमीटर हिस्से में ‘कवच’ तकनीक की कमीशनिंग पूरी कर ली गई है।
इसके अलावा कानपुर और झांसी शेड के 96 लोकोमोटिव में भी यह एंटी-कोलिजन सिस्टम लगाया जा चुका है। जीएम ने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत 46 स्टेशनों में से 17 का कार्य पूरा हो चुका है। यात्रियों की सुविधा के लिए 16075 विशेष ट्रेनें चलाई गईं और 899 अतिरिक्त कोच लगाए गए। आखिर में उप महाप्रबंधक अतुल कुमार मिश्रा ने कहा कि समिति का उद्देश्य जनता की अपेक्षाओं को रेलवे तक पहुंचाना है, ताकि यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
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