गजब: सड़क और बिजली कनेक्शन लेकर सात करोड़ में बेच दी सरकारी जमीन
Prayagraj News - प्रयागराज के कान्हा गोशाला की जमीन पर करोड़ों के घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। गृह सचिव की निगरानी में जांच में अवैध कब्जा, फर्जी प्लाटिंग और विभागीय मिलीभगत का खुलासा हुआ है। पुलिस और अन्य विभागों के कर्मियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

प्रयागराज, पीयूष श्रीवास्तव। बमरौली के रसूलपुर और काशीपुर उपरहार स्थित कान्हा गोशाला की जमीन पर हुए करोड़ों के घोटाले में जांच में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके बाद शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। गृह सचिव की निगरानी में हुई जांच में अवैध कब्जा, फर्जी प्लाटिंग और विभागीय मिलीभगत उजागर होने के बाद पुलिस, राजस्व, बिजली विभाग, पीडीए और नगर निगम के कर्मियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018-19 में पहली बार इस जमीन पर कब्जा करके बैनामा किया गया था।
उस समय पीडीए ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाकर भूमि को मुक्त कराया था, लेकिन इसके बाद भूमाफियाओं ने फिर से कब्जा कर अवैध प्लाटिंग शुरू कर दी। इस पूरे खेल में विभागीय मिलीभगत की बात भी सामने आई है। नगर निगम ने विवादित भूमि तक सड़क बनवा दी, जबकि बिजली विभाग की ओर से अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए। इससे आमजनों को जमीन वैध होने का भ्रम हुआ और भूमाफियाओं ने इसी का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर प्लॉट बेच डाले।जांच में सामने आया कि 22 निजी गाटों में कुल 10,583 वर्गमीटर जमीन पर अवैध कब्जा किया गया, जिससे सरकार को लगभग 7.09 करोड़ रुपये की क्षति हुई। अधिकतर बैनामे वर्ष 2018 और 2019 के बीच किए गए। शासन स्तर पर हुई बैठक में पुलिस कमिश्नर और एडीएम भी ऑनलाइन शामिल हुए। पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए गृह सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा है।
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