अचानक निरीक्षण पर निकले बिजली मंत्री एके शर्मा, एक कॉलोनी में 90% स्ट्रीट लाइटें मिलीं बंद; 3 बर्खास्त
मंत्री एके शर्मा ने शुक्रवार की देर शाम लखनऊ के वीआईपी इलाकों का औचक निरीक्षण किया। स्ट्रीट लाइटों की स्थिति पर अफसर उन्हें जवाब नहीं दे पाए। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने शोभित यादव, अनूप कुमार और जयचंद्र को तत्काल बर्खास्त कर दिया। रामसागर और राजेंद्र स्थानांतरण कर दिया।

राजधानी लखनऊ की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था किस कदर बदहाल है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि औचक निरीक्षण पर निकले नगर विकास मंत्री एके शर्मा को बड़े पैमाने पर स्ट्रीट लाइटें बंद मिलीं। 29 जुलाई की देर शाम निरीक्षण में वृंदावन कॉलोनी की भी 90 फीसदी स्ट्रीट लाइटें खराब पाई गईं, जबकि महापौर सुषमा खर्कवाल स्वयं इसी कॉलोनी में रहती हैं। उधर, मंत्री की नाराजगी का ठीकरा अधिकारियों ने कर्मचारियों के सिर फोड़ा है। तीन को बर्खास्त कर दिया है, जबकि पांच के वेतन रोके गए हैं।
मंत्री ने बीते शुक्रवार की देर शाम शहर के वीआईपी इलाकों का औचक निरीक्षण किया तो स्ट्रीट लाइटों की स्थिति पर अफसर जवाब नहीं दे पाए। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने शोभित यादव, अनूप कुमार और जयचंद्र को तत्काल बर्खास्त कर दिया। रामसागर और राजेंद्र स्थानांतरण कर दिया।
इन अधिकारियों पर है स्ट्रीट लाइट का जिम्मा
नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग की जिम्मेदारी अपर नगर आयुक्त ललित कुमार और विद्युत यांत्रिक विभाग के मुख्य अभियंता मनोज प्रभात पर है। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण न करने के कारण शहर के अधिकतर क्षेत्रों में लाइटें लम्बे समय से बंद पड़ी हैं।
महापौर की कॉलोनी में भी चारों ओर अंधेरा
अपर नगर आयुक्त ने वृंदावन के वीआईपी मार्गों का निरीक्षण किया। यहां सेक्टर 9सी, 11ए, 7ए, 8बी, 8सी समेत कई क्षेत्रों में 90% स्ट्रीट लाइटें खराब पाई गईं। यहां अनिल कुमार और आनंद का वेतन काटने का आदेश हुआ है।
विक्रमादित्य मार्ग और गोल्फ कोर्स पर अंधेरा
मंत्री ने निरीक्षण की शुरुआत वीआईपी क्षेत्र में स्थित ला मार्टिनियर कॉलेज, गोल्फ कोर्स और विक्रमादित्य मार्ग से की। यहां उन्होंने 15 खराब स्ट्रीट लाइटें खुद गिनीं। अधिकारियों से जवाब मांगा तो वे मौन खड़े रहे।
खुद ही रिपोर्ट दी पूछने पर मुकर गए
90 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें बंद होने की रिपोर्ट खुद अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने लिखित में जारी की है। जब आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने उनसे इस बारे में पूछा तो बोले कि इतनी लाइटें बंद होने जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा कहां से आया, हमें नहीं पता है। जो लाइटें खराब हैं, उन्हें सही कराया जा रहा है। वृन्दावन में एक और जूनियर इंजीनियर तैनात किया गया है।
नगर विकास मंत्री के दौरे के बाद जागे अधिकारी
जैसे ही नगर विकास मंत्री ने स्ट्रीट लाइटों की वास्तविक स्थिति देखी, नगर निगम में खलबली मच गई। अधिकारियों ने आनन-फानन में निरीक्षण शुरू किया। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने भी 30 जुलाई को निरीक्षण कर 90% लाइटों के खराब होने की पुष्टि की।




साइन इन