यूपी में बिजली की मांग का रिकॉर्ड टूटा, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा बोले- संकट के नाम पर बदनाम किया जा रहा
यूपी में बिजली की डिमांड ने पिछले साल के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। रविवार की रात बिजली की डिमांड अब तक के सबसे ज्यादा 31774 मेगावॉट के स्तर पर पहुंच गई।

UP News: यूपी में बिजली की अधिकतम मांग का बीते साल का रिकॉर्ड रविवार देर रात टूट गया। रात दस बजे के बाद 31,774 मेगावॉट मांग दर्ज की गई। बीते साल अधिकतम मांग जून की उमस में 31,486 मेगावॉट दर्ज की गई थी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि, कोई माने या न माने यूपी देश में सबसे ज्यादा बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य है। अपना पिछला कीर्तिमान तोड़ते हुए अधिकतम मांग का नया रिकॉर्ड बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली संकट की बातें कहकर बदनाम किया जा रहा है। बहुत कम जगहों पर बिजली की दिक्कतें हैं।
कुछ गांवों और मुहल्लों में ही दिक्कत
राज्य में बिजली संकट जैसे हालात को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने यूपी को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने रविवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर पोस्ट किया कि पहले सिर्फ पांच गांवों में बिजली आती थी तो उन्हें समस्या नहीं लगती थी। अब कुछ गांव या कुछ शहरों के मोहल्लों में व्यवधान आता है तो बड़ी बात बन जाती है।
एके शर्मा ने कहा कि पूरे राज्य में हर गांव, हर गली में रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति की जा रही है। लोग यूपी को बदनाम कर रहे हैं। ये लोग यूपी में ‘बत्ती गुल’, ‘बिजली संकट’ और ‘बिजली व्यवस्था ध्वस्त’ जैसी छवि बनाते और बनवाते हैं। यह राज्य का और उसके विद्युत कर्मियों का अपमान है।
कहा कि प्रदेश के 75 जिलों में लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं। लगभग तीन लाख विद्युतीकृत गांव और मजरे हैं। सब जगह विद्युत आपूर्ति हो रही है। 762 नगरीय निकाय हैं, जिनमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतें आती हैं। इनमें भी निरंतर विद्युत आपूर्ति जारी है। जिन जगहों पर बिजली आपूर्ति में आई समस्या का उदाहरण दिया जा रहा है, वे गिनती की जगहें हैं। जिनमें कुछ ग्रामीण क्षेत्र तथा चार-पांच शहरों के कुछ ही मोहल्ले हैं। उन्हें भी दो दिन पहले ही ठीक कर लिया गया है। राज्य के 503 विधायकों-एमएलसी में से सभी से सम्पर्क में रहता हूं।
परम्परागत समस्याओं के निराकरण के लिए सुझाव लेता रहता हूं। इनमें से बिजली व्यवस्था पर हाल में पांच लोगों के कुछ सुझाव भी मिले हैं। उन पर भी काम होगा। भीषण गर्मी में बढ़ी हुई मांग के बीच स्थानिक तकनीकी, प्राकृतिक या मानवीय कारणों से कहीं-कहीं आकस्मिक समस्या आ रही है। उन्हें ठीक करते हुए हम जनता की सेवा में निरंतर लगे हैं। आपका संयम और सहयोग प्रार्थनीय है।




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