लखनऊ कैसरबाग हादसे के बाद सियासी तकरार, मेयर-विधायक आमने-सामने, दोनों में कहासुनी
राजधानी लखनऊ में कैसरबाग हादसे के बाद सियासी तकरार हो गई। समाजवादी पार्टी विधायक रविदास मेहरोत्रा और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल भी मौके पर पहुंची। दोनों आमने-सामने आ गए और कहासुनी हो गई।

लखनऊ में कैसरबाग मछली मंडी में मंगलवार को भारी-भरकम पीपल का पेड़ गिरने से हुए हादसे के बाद मौके पर नेताओं का जमावड़ा लगा। सबसे पहले उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनके जाने के बाद क्षेत्रीय सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल भी मौके पर पहुंची।हादसे के बीच दोनों नेताओं में आमने-सामने कहासुनी हो गई।
विधायक रविदास मेहरोत्रा ने महापौर से सवाल किया कि उन्होंने इस पेड़ को लेकर कई बार पत्र लिखा था, लेकिन नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर महापौर ने जवाब दिया कि यह पेड़ नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, बल्कि इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की है। महापौर ने कहा कि पेड़ काटने और अनुमति देने का अधिकार भी वन विभाग के पास ही है।
जैसे ही दोनों नेताओं के बीच यह बहस छिड़ी, उनके समर्थक भी नारेबाजी और हल्ला करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख महापौर ने भीड़ को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद महापौर अपने समर्थकों के साथ एक ओर चली गईं और विधायक रविदास मेहरोत्रा भी अपने लोगों के साथ बाहर निकल गए।
गुस्से में आक्रोश व शोर मचाते रहे लोग
घटना स्थल पर मौजूद लोग दोनों नेताओं की नोकझोंक और कार्यकर्ताओं की बहसबाजी पर कान लगाए सुनते रहे। बाद में जब हिंदुस्तान ने महापौर सुषमा खर्कवाल से बात की तो उन्होंने कहा, वहां कोई कहासुनी नहीं हुई थी। विधायक से नमस्ते हुई। उन्होंने सिर्फ पेड़ के बारे में पत्र लिखने की बात कही थी, हमने उन्हें बताया कि इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की है। बाकी लोग शोर कर रहे थे, जिन्हें शांत कराने की कोशिश की गई।




साइन इन