Police station in-charge arrested in Lucknow taking bribe of Rs 2 lakh demanded bribe to clear name from gang rape case लखनऊ में दो लाख घूस लेते चौकी प्रभारी गिरफ्तार, गैंगरेप से नाम हटाने को मांगी थी रिश्वत, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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लखनऊ में दो लाख घूस लेते चौकी प्रभारी गिरफ्तार, गैंगरेप से नाम हटाने को मांगी थी रिश्वत

राजधानी लखनऊ में दो लाख घूस लेते निशातगंज चौकी प्रभारी धनंजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है। चौकी प्रभारी ने गैंगरेप केस से नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगी थी। राजधानी के महत्वपूर्ण महानगर थाने के अंतर्गत आने वाली चौकी के प्रभारी की गिरफ्तारी से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

Wed, 29 Oct 2025 10:40 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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लखनऊ में दो लाख घूस लेते चौकी प्रभारी गिरफ्तार, गैंगरेप से नाम हटाने को मांगी थी रिश्वत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस की वर्दी पर एक और दाग लग गया। निशातगंज चौकी प्रभारी धनंजय सिंह को दो लाख रुपये की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। चौकी प्रभारी ने गैंगरेप के एक केस में आरोपी कोचिंग संचालक का नाम हटाने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। एंटी करप्शन टीम ने सटीक प्लानिंग के तहत चौकी प्रभारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान दारोगा ने तेवर दिखाने की कोशिश की लेकिन टीम के आगे एक नहीं चली। एंटी करप्शन की टीम दारोगा को खींचते हुए अपने साथ लेकर चली गई। राजधानी में हुई इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। एंटी करप्शन की टीम पकड़े गए दारोगा से पूछताछ में जुटी है।

निशातगंज चौकी महानगर थाने के अंतर्गत आती है, जो लखनऊ के व्यस्त इलाकों में से एक है। एक युवती ने यहां पर कुछ लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इन लोगों में कोचिंग संचालक प्रतीक गुप्ता का भी नाम है। युवक का दावा है कि वह निर्दोष है और घटना में फंसाया गया है। चौकी प्रभारी ने मामले की 'विवेचना' के नाम पर नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगी। पहले 5 लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन बाद में सौदा 2 लाख पर तय हुआ। कोचिंग संचालक ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन विभाग को दे दी। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और चौकी प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया।

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कोचिंग संचालक प्रतीक गुप्ता के अनुसार मेरे यहां पर एक लड़की काम करती थी। उसने चार महीने पहले जॉब छोड़ दी थी। उसने महानगर थाने में रेप का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें मेरा नाम भी जोड़ दिया। मुझे महानगर थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया। यहां मुझे पता चला कि मेरे साथ एक रियाज अहमद नाम के व्यक्ति का नाम भी केस में शामिल था। जबकि मैं रियाज को जानता भी नहीं था।

कोचिंग संचालक ने आरोप लगाया कि युवती ने मुझे गैंगरेप के मामले में फंसाकर 50 लाख रुपए की मांग की थी। केस से बचने के लिए 10 लाख देने के लिए तैयार था। इस पर आरोपियों ने कहा कि जब 50 लाख हो जाएं, तब बता देना। लड़की का बयान बदलवा देंगे। वहीं, एसआई धनंजय सिंह ने केस से नाम हटाने के एवज में रिश्वत मांगी थी। जिसके बाद एंटी करप्शन से शिकायत की थी।

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