varanasi flood from Namo Ghat to Manikarnika ghat submerged, boats are running on the roads, see pictures बनारस में नमो घाट से लेकर मणिकर्णिका तक सब डूबे, सड़कों पर चल रही नाव, देखिए तस्वीरें, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

बनारस में नमो घाट से लेकर मणिकर्णिका तक सब डूबे, सड़कों पर चल रही नाव, देखिए तस्वीरें

वाराणसी में गंगा की बाढ़ का कहर लगातार जारी है। सोमवार की दोपहर तक गंगा में बढ़ोतरी जारी रही। इससे नमो घाट से लेकर मणिकर्णिका घाट तक सभी डूब गए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार तक पानी आ गया है। 

Mon, 4 Aug 2025 07:20 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
share
बनारस में नमो घाट से लेकर मणिकर्णिका तक सब डूबे, सड़कों पर चल रही नाव, देखिए तस्वीरें

वाराणसी में खतरे का निशान पार करने के बाद भी गंगा के जलस्तर मे लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यहां के सबसे प्रसिद्ध नमो घाट से लेकर महाश्मशान मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र सभी घाट पूरी तरह डूब गए हैं। गोदौलिया से सबसे प्रमुख घाट दशाश्वमेध और शीतला घाट जाने वाले मार्ग पर भी गंगा का पानी आ गया है। शवों के अंतिम संस्कार के लिए हरिश्चंद्र घाट पर स्थान नहीं नहीं बचा है। मणिकर्णिका घाट पर नावों से शवों को श्मशान घाट की छत पर पहुंचाया जा रहा है। गंगा के जलस्तर में सोमवार की सुबह 11 बजे तक गंगा के पानी में बढ़ोतरी जारी थी। एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा खतरे के निशान 71.262 मीटर से ज्यादा 72.03 मीटर पर बह रही थीं। पिछले 24 घंटे में 57 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। इस दौरान बारिश का दौर भी रुक-रुककर जारी है। 11.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

पक्के घाटों और तटवर्ती कईं मंदिरों को अपनी आगोश में लेने के बाद गंगा रिहाइशी इलाकों की ओर बढ़ चलीं हैं। इससे कई स्थानों पर नाव चलानी पड़ रही है। गंगा उस पार स्थित रामनगर किले में भी पानी घुस गया है। असि और वरुणा नदियों में पलट प्रवाह के कारण पानी दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां में घुस चुका है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भदोही-मिर्जापुर हाईवे पर पहुंचा गंगा का पानी, विंध्याचल धाम जाना भी हुआ मुश्किल

जिला प्रशासन का भी कहना है कि बाढ़ का पानी शहर के 24 मोहल्लों और 44 से अधिक गांवों तक पहुंच गया है। इससे एक लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है। बीएचयू और अस्सी घाट के पास स्थित नगवा नाला से पानी प्रवेश कर रामेश्वर मठ के पीछे तक पहुंच गया है। इसके साथ ही भागवत महाविद्यालय से संगमपुरी कॉलोनी में पानी आ गया है। सोनकर और दलित बस्ती में पानी पहुंचने से 70 परिवारों को गोपीराधा विद्यालय में बने बाढ़ राहत केंद्र में पहुंचाया गया। गंगोत्री विहार कॉलोनी और आसपास के 12 परिवारों को शिविर में शिफ्ट किया गया।

वाराणसी में बाढ़

संकटमोचन मंदिर के पीछे तक पहुंचा पानी

नगवा नाला से पानी संकटमोचन मंदिर के पीछे तक पहुंच गया है। इस रास्ते से लोगों का आवागमन बंद हो गया है। यहां आधा दर्जन से अधिक परिवारों के सामने संकट है। अगले 24 घंटे बढ़ाव जारी रहा तो साकेतनगर, रोहितनगर, सरायनंदन, सरायसुर्जन, बटुआपुरा, डुमराव बाग कॉलोनी तक पानी पहुंच जाएगा।

सामनेघाट तिराहे से लंका की ओर बढ़ा

सामनेघाट तिराहे से गंगा मुख्य मार्ग पर आ गई हैं। सीवर लाइन जाम होने से आसपास की कॉलोनियों में पानी घुसने का खतरा उत्पन्न होने लगा है। इससे बालाजी नगर, महेश नगर, जानकी नगर, कृष्णा नगर, गुलाब बाग, हरिओम नगर, शिवराज नगर, शिवाजी नगर, देवनगर, काशीपुरम आदि कॉलोनियों के लोग चिंतित हैं। उधर सामनेघाट स्थित ज्ञान प्रवाह नाले पर बने चैनल गेट की निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के कर्मचारी तैनात हैं। कॉलोनियों से पानी निकालने के लिए सिंचाई विभाग ने पम्प लगाए हैं। जज गेस्ट हाउस जाने वाला मार्ग डूब गया है। ज्ञान प्रवाह, परमहंस आश्रम, कबीर मठ, अपना घर आश्रम में भी पानी आ गया है।

वाराणसी में बाढ़

टिकरी तटबंध के ऊपर से गुजरने लगा

विश्वसुंदरी पुल से नीचे से होकर पानी आगे बढ़ने लगा है। रमना के किसानों की सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न हो गई। किसान सब्जी की फसल बचाने की जुगत में लगे हैं। ताकि बाढ़ खत्म होने पर दोबारा लगाया जा सके। टिकरी तटबंध से भी पानी गुजरने लगा है। इससे मलहिया बस्ती में रहने वाले सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं। कई परिवारों ने घर खाली भी कर दिया है।

प्राचीन रामनगर, डोमरी एवं सूजाबाद में घुसा पानी

गंगा में बाढ़ का पानी रामनगर किला में प्रवेश कर गया है। इससे व्यास काशी सहित अंदर के मंदिरों का संपर्क मार्ग बंद हो गया है। नाले के सहारे प्राचीन रामनगर के मुहल्ले में पानी धीरे-धीरे पहुंचने लगा है।। एलबीएस अस्पताल के पीछे खेत और सीवरेज पम्प स्टेशन डूब गये हैं। श्मशान घाट डूबने से दाह संस्कार खेतों में हो रहा है। लोग नाव से सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं। डोमरी, सूजाबाद के बाहरी हिस्से वाले गांव और मुहल्ले में पानी घुस गया है।

वाराणसी में बाढ़

मालवीय पुल पर ट्रेनों की गति दस किमी प्रति घंटे की गई

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव के कारण रेलवे भी सतर्कता बरत रहा है। मालवीय पुल पर अप और डाउन ट्रेनों की गति 10 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। पहले गाड़ियां 30 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चल रही थीं। पुल पर दो पेट्रोलमैन समेत पांच रेलकर्मियों की शिफ्टवाइज (आठ-आठ घंटे) ड्यूटी लगाई गई है, जो बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं।

इसके अलावा यातायाता निरीक्षक (टीआई), स्टेशन मास्टर (एसएम), स्थायी पथ निरीक्षक (पीडब्ल्यूआई) और कार्य निरीक्षक (आईओडब्ल्यू) हर घंटे ब्रिज पर जाकर मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने रविवार को पुल का निरीक्षण किया। काशी के स्टेशन अधीक्षक तस्नीम अहमद ने बताया कि गंगा में बढ़ाव के मद्देनजर गाड़ी परिचालन के दौरान लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) को मुख्यालय स्तर से सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।

वाराणसी में बाढ़

एनडीआरएफ ने पानी से घिरे 74 लोगों को निकाला

एनडीआरएफ की टीम ने रविवार को वरुणा के तटवर्ती इलाकों में रेस्क्यू अभियान चलाया। बाढ़ से घिरे मकानों में फंसे 74 लोगों को टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान 11 एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने भी बाढ़ग्रस्त इलाकों में नाव से भ्रमण किया। रेस्क्यू कराया।

वरुणा प्रभावित पुराना पुल चौकी, नक्खीघाट, शास्त्रीनगर, छोटा नाला पुलिया, सारनाथ, पंचक्रोशी, गंगा की बाढ़ से प्रभावित नगवा, सामने घाट में एनडीआरएफ की टीमें पहुंचीं। घरों की छतों पर रातभर शरण लिए लोग फंसे थे। उन्हें एनडीआरएफ की बोट से सुरक्षित बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ की कुल 11 टीमें रेस्क्यू के लिए लगाई गई हैं, जो लगातार भ्रमणशील हैं। सूचना पर मौके पर पहुंच रही हैं। भ्रमण के दौरान लाउड हेलर के जरिये लोगों को सचेत भी किया जा रहा है कि वे सुरक्षित रहें।

वाराणसी में बाढ़

ढाब क्षेत्र में सोता के गांव पानी से घिरे

गंगा में लगातार उफान से गोमती किनारे बसा टिकरी गांव पानी से घिर गया है। सोता में बसे रामचंदीपुर, मोकलपुर, गोबरहा, रेतापार, टुड़ीपुर, नखवां, गोवर्धनपुर आदि गांव भी चारों ओर से चपेट में आ गये हैं। वहीं काशी विद्यापीठ ब्लॉक के बेटावर के मुख्य मार्ग पर पानी आने से सुरक्षा को देखते हुए रस्सा लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है। जलस्तर में बढ़ाव जारी रहने से एक-एककर गांव चपेट में आ रहे हैं।

चिरईगांव संवाद के अनुसार ढाब क्षेत्र की हालत गंभीर है। सोता के इस पार स्थित चांदपुर की सोनकर बस्ती के दो दर्जन परिवार प्रभावित हो गए हैं। आने जाने वाले रास्ते पर दो से तीन ऊपर तक पानी लहरा रहा है। छितौना का लगभग तीन हिस्सा चपेट में हैं।

रामपुर और गोबरहां की दलित बस्ती में पानी भर गया है। यहां के दर्जनभर परिवारों ने राहत शिविरों में शरण ली है। किसानों ने बताया कि उनकी खबर लेने कोई नहीं आया। अम्बा, मुस्तफाबाद, रामपुर आदि गांवों की सीमा तक पानी पहुंच गया है।

वाराणसी में बाढ़

चौबेपुर संवाद के अनुसार गोमती और नाद नदी भी उफना गई है। इससे पिपरी, लक्ष्मीसेनपुर, टेकरी का अन्य गांवों से सम्पर्क टूट गया है। पिपरी में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तीन नावें लगाई गई हैं। मठिया प्राथमिक विद्यालय में पानी घुस गया है। धौरहरा गांव में पानी घुसने से नारेपार, भोगलापर से बाजार का संपर्क टूट गया है। रोहनिया संवाद के अनुसार बेटावर गांव में लोगों के लिए तीन नावें लगाई गई हैं। रविवार को कानूनगो और लेखपाल ने गांव का निरीक्षण कर व्यवस्था परखी। प्राथमिक विद्यालय बेटावर पानी से घिर गया है।

जक्खिनी संवाद के अनुसार मिर्जापुर की सीमा पर बसे गांव बेलवा, शाहंशाहपुर में भी बाढ़ का असर दिखने लगा है। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। शहंशाहपुर से मंगरहा जाने वाली गंगा नहर के पास तक पानी पहुंच चुका है। नहर पर बनी पुलियों से पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा है। किसान पवन कुमार सिंह, यशपाल सिंह, देवेश कुमार सिंह, ब्रिज बिहारी सिंह, मुकेश सिंह ने बताया कि जलस्तर में बढ़ाव नहीं रुका तो काफी नुकसान होगा।

वाराणसी में बाढ़

लंका संवाद के अनुसार रमना में पानी घुसने से पशुपालक जानवरों को पश्चिम तरफ नैपुरा कला की तरफ ले जा रहे हैं। तारापुर के सामने तारापुर तराई में भी पानी भर गया है। दानगंज संवाद के अनुसार चोलापुर के भदवा, मोहनदासपुर, हरदासीपुर, नियारडीह, उधवरामपुर, अजगरा, बेला और रचना सहित लगभग एक दर्जन गांवों के सिवान में पानी आने से उरद, मूंग, बाजारा और मक्का की फसल प्रभावित हुई है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।