प्रेमिकाओं के महंगे खर्चों ने फिजियोथेरेपिस्ट को बनाया चोर, क्रेटा में भर ले गया अस्पताल का सामान
शामली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए एक फिजियोथेरेपिस्ट ने PHC में लाखों की चोरी कर डाली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

यूपी के शामली से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां गर्लफ्रेंड के शौक पूरा को फिजियोथेरेपिस्ट ने पीएचसी में लाखों की चोरी कर डाली। उधर, पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए आरोपित और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए सारे सामान और घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार भी बरामद कर ली है। हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी ने अपने शौक और प्रेमिकाओं के खर्च पूरे करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।
मंगलवार को शामली पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि 9 दिसंबर को आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के कस्बा बनत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चोरी की घटना हुई थी। इस संबंध में फार्मासिस्ट आदेश कुमार ने थाने में तहरीर देते हुए नेबुलाइजर मशीन, बीपी इंस्ट्रूमेंट, एलईडी टीवी, इनवर्टर बैटरी, प्रिंटर समेत अन्य सामान चोरी होने की जानकारी दी थी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
प्रेमिकाओं के खर्चे पूरे करने के लिए की चोरी
एएसपी ने बताया कि 23 दिसंबर को आदर्श मंडी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सेहटा फ्लाईओवर अंडरपास से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम आसिफ और सचिन बताए। आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने बनत के सरकारी अस्पताल से चोरी किया गया सारा सामान बरामद कर लिया। इसके अलावा चोरी में प्रयुक्त क्रेटा कार भी कब्जे में ले ली गई है। आरोपित आसिफ ने बताया कि वह गांव भाज्जू में फिजियोथेरेपिस्ट है और अपना क्लीनिक चलाता है। उसने स्वीकार किया कि उसकी कई प्रेमिकाएं हैं, जिनके खर्च पूरे करने के लिए उसने अपने साथी सचिन के साथ मिलकर अस्पताल में चोरी की योजना बनाई। मंगलवार को दोनों आरोपी चोरी का सामान लेकर पानीपत बेचने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि फिलहाल आसिफ के खिलाफ अन्य किसी आपराधिक मामले की जानकारी नहीं मिली है।
क्रेटा कार से हुआ खुलासा
के अनुसार चोरी की घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार ही आरोपियों तक पहुंचने का अहम सुराग बनी। अस्पताल से करीब 100 मीटर की दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में काले रंग की क्रेटा कार कैद हुई थी, जिसकी नंबर प्लेट के कुछ अंकों पर मिट्टी लगी हुई थी। पुलिस ने लगभग 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद कार को ट्रेस किया और फिजियोथेरेपिस्ट आसिफ तक पहुंच गई। जांच में सामने आया कि आसिफ ने अपने पैसों से कार खरीदी थी, लेकिन उसे अपने साथी सचिन के नाम रजिस्टर्ड करा रखा था।




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