फिर गूंजने लगा प्रथम यज्ञ भूखंड धरा पे..., सोशल मीडिया पर छाई प्रयागराज के माघ मेले की तैयारी
संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ की तरह सोशल मीडिया पर माघ मेले की तैयारी वायरल होने लगी है। माघ मेला 75 साल बाद खास नक्षत्र में पड़ने का दावा सोशल मीडिया पर हो रहा है। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने भी महाकुंभ की तरह माघ मेला की तैयारी का निर्देश अफसरों को दिया है।

संगम की रेती पर माघ मेला की तैयारी शुरू हो गई है। तैयारी शुरू होने के साथ सोशल मीडिया पर फिर प्रथम यज्ञ भूखंड धरा पे... भक्ति गीत गूंजने लगा है। यह वही भक्ति गीत है जो इस साल आयोजित महाकुम्भ में बेहद लोकप्रिय हुआ था। देश के कोने-कोने में इस गीत की गूंज सुनाई पड़ रही थी। वही गीत माघ मेला शुरू होने के पहले गूंज रहा है।
सोशल मीडिया पर माघ मेला की तैयारी की रील के बैकग्राउंड में यही भक्ति गीत सुनाई दे रहा है। महाकुम्भ के पहले भी माघ मेला का आयोजन हुआ, लेकिन इसकी तैयारी कभी भी सोशल मीडिया पर वायरल नहीं हुई। इस बार तो माघ मेला को मिनी महाकुम्भ के तौर पर आयोजित करने का दावा किया जा रहा है। माघ मेला की तैयारी की रील के साथ सोशल मीडिया पर एक और दावा भी किया जा रहा है। कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर 75 साल बाद दुर्लभ योग में माघ मेले का आयोजन की बात कह रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि जिस प्रकार 144 साल बाद महाकुम्भ का आयोजन हुआ, उसी तरह 75 साल बाद महा माघ मेला आयोजित होगा। हालांकि 75 साल बाद माघ मेला के आयोजन को लेकर विद्वानों की ओर से कोई बयान नहीं आया है। 75 साल बाद वाले दावे को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई है। कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इस दावे का खंडन भी कर रहे हैं।
प्रदेश के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा शनिवार को माघ मेला की तैयारी देखने आए थे। अधिकारियों के साथ बैठक में मंत्री ने माघ मेला की तैयारी भी महाकुम्भ की तरह करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि माघ मेला में भारी भीड़ आएगी। माघ मेला की तैयारी को लेकर तीर्थ पुरोहित राजेंद्र पालीवाल कहते हैं कि सोशल मीडिया के चलते महाकुम्भ का माहौल बना। माघ मेला भी सोशल मीडिया पर छा गया है। जो लोग महाकुम्भ में नहीं आ पाए, वे माघ मेला में आ सकते हैं। इस बार माघ मेला में भी श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ होगी।




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