पाकिस्तानी मूल की पूनम को मिली भारतीय नागरिकता, अब मायके जाने का सपना होगा पूरा
रामपुर में रहने वाली पूनम को दीवाली का तोहफा मिली है। उन्हें भारतीय नागरिता मिल गई। जिससे अब वह 12 साल बाद अपने मायके जाने का सपना पूरा कर पाएंगी। पाकिस्तान मूल की पूनम को पांच महीने के भीतर भारतीय नागरिकता मिल गई है।

रामपुर के वीपी कॉलोनी की रहने वाली पूनम के लिए दीवाली से पहले ही भारतीय नागरिकता का तोहफ़ा मिल गया है। अप्रैल में किए गए आवेदन के बाद पांच महीने के अंदर ही भारतीय नागरिकता मिल गई है। पूनम का कहना है कि वह 12 सालों से वह अपने माता-पिता से मिलने को तरस रही थीं। उनका यह सपना अब जल्द पूरा होने वाला है। इस नागरिकता के बाद दोबारा मायके जाने की उम्मीदें जुड़ी है। हालांकि, पूनम के भाई को साल 2016 में नागरिकता मिल चुकी है।
सिविल लाइंस स्थित बीपी कालोनी के रहने वाले पुनीत कुमार किराना कारोबारी हैं। 2005 में उनकी शादी पाकिस्तान स्थित पेशावर के पास स्वात वैली निवासी चाय पत्ती के कारोबारी दीनानाथ की बेटी पूनम के साथ हुआ था। पूनम ने इंटर तक की पढ़ाई पाकिस्तान में ही की है। 2004 में उनके पिता ने अपने परिवारीजनों के साथ भारत में बसने का फैसला किया था। जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे गगन चावला के साथ बेटी पूनम को दिल्ली भेजा था। पूनम यहां अपनी बुआ के घर रहने लगी थी।
इस बीच उसकी शादी रामपुर निवासी पुनीत के साथ हो गई। लेकिन, परिवारिक कारणों से पूनम का परिवार पाकिस्तान में ही रहने लगा। इसके बाद वह 2013 तक पाकिस्तानी पासपोर्ट के जरिये माता-पिता से मिलने मायके जाती रहीं। लेकिन इसके बाद उसके पासपोर्ट के नवीनीकरण की तिथि निकल गई। इस वजह से उसका न तो वीजा बना और न ही वह पाकिस्तान जा सकी। तब से वह लगातार भारत की नागरिकता पाने के लिए परेशान थीं।
माता-पिता से जल्द करेंगी मुलाकात
रामपुर। पूनम ने बताया कि आधार कार्ड और उसके बाद पासपोर्ट बनवाएंगी। दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधरते ही अपने मायके होकर आएंगी। बताया कि नागरिकता न होने के कारण आज तक उनका न तो बैंक में खाता खुला और न ही मतदाता पहचानपत्र ही बना। इसके बाद वह जल्द ही अपने माता-पिता से मुलाकात के लिए प्रयास करेंगी।




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