यूपी में SIR अभियान तेज, 50 प्रतिशत से अधिक नोटिस की सुनवाई पूरी, 6 मार्च तक नाम दर्ज कराने की अपील
यूपी में एसआईआर के तहत 50 प्रतिशत से अधिक नोटिस की सुनवाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित विशेष अभियान में 1.66 करोड़ से अधिक नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों के नोटिसों की सुनवाई का कार्य पूरा कर लिया गया।

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक नोटिसों का निस्तारण किया जा चुका है। इसी क्रम में रविवार को निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी बूथों पर विशेष अभियान चलाया, जिसमें नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़े 1.66 करोड़ से ज्यादा नोटिसों की सुनवाई पूरी कर ली गई।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एसआईआर-2026 के तहत राज्य के 1.77 लाख मतदान केंद्रों पर चौथा विशेष अभियान दिवस आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य दावा और आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ना और सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना है। इससे पहले 11 जनवरी, 18 जनवरी और 31 जनवरी को भी इसी तरह के विशेष अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।
इन जिलों में 70 प्रतिशत से अधिक सुनवाई पूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, प्रदेश के 11 जिले -औरैया, एटा, अम्बेडकरनगर, शामली, फिरोजाबाद, बदायूं, आजमगढ़, बस्ती, चित्रकूट, सहारनपुर और मथुरा में 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। उन्होंने इन जिलों के बीएलओ और एसआईआर अभियान में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की।
6 मार्च तक वोटर लिस्ट में एड कराएं नाम
उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि दावा और आपत्ति की अंतिम तिथि 6 मार्च तक अपना नाम मतदाता सूची में जरूर दर्ज कराएं। साथ ही, नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए ECINET मोबाइल ऐप और voters.eci.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
नाम जुड़वाने और संशोधन में जुटे बीएलओ
प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) तय समय पर मौजूद रहे और मतदाताओं से आवेदन प्राप्त किए। अभियान के दौरान प्रत्येक केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाई गई थी, जहां मतदाताओं को प्रपत्र-6 और प्रपत्र-8 भरने में सहायता दी गई। इस दौरान नागरिकों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और उसमें संशोधन के लिए आवेदन जमा किए। साथ ही, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) ने भी अभियान में सहयोग किया।
3.26 करोड़ मतदाताओं को जारी हुए थे नोटिस
जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहुंचे, जहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों के संबंध में 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से अब तक 1.66 करोड़ से अधिक नोटिसों का निस्तारण किया जा चुका है। इस प्रकार, प्रदेश में नोटिसों की सुनवाई की औसत प्रगति 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है।




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