यूपी में नेपाल सीमा से सटे जिलों में गांव-गांव शुरू हुई ये कवायद, इन युवाओं को वरीयता
नेपाल सीमा से सटे खीरी, पीलीभीत, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज और श्रावस्ती जिले में बार्डर से सटे गांवों में ऑपरेशन कवच के तहत सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है। समितियों में हर गांव के 10 युवाओं को शामिल किया गया है। ज्यादातर वे युवा हैं जो सेना भर्ती या पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।

यूपी में नेपाल सीमा पर बसे गांवों में अवैध गतिविधियां रोकने, सुरक्षा मजबूत करने के लिए ऑपरेशन कवच शुरू किया गया है। इसके तहत गांवों में ग्राम सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों में युवाओं खासकर सेना या पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को शामिल किया गया है। यह समितियां अपने गांव की सुरक्षा करेंगी। कोई अवांछित घटना होने, अवैध गतिविधियां होने पर स्थानीय पुलिस को सूचना देंगी।
नेपाल सीमा से सटे खीरी, पीलीभीत, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज और श्रावस्ती जिले में बार्डर से सटे गांवों में ऑपरेशन कवच के तहत ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में हर गांव के 10 युवाओं को शामिल किया गया है। ज्यादातर उन युवाओं को शामिल किया गया है जो सेना भर्ती या पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। ग्राम सुरक्षा समितियों के युवा गांवों में होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगे और इसकी सूचना स्थानीय स्तर पर पुलिस को देंगे।
अब तक जो ग्राम सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं उनमें खीरी जिले में 77, पीलीभीत जिले में 17, बलरामपुर जिले में 24 और बहराइच जिले में 85 ग्राम सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं। पुलिस के पास इन सभी समितियों व इनमें शामिल युवाओं का रिकार्ड है। बताते चलें कि बार्डर के इन गांवों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने ऑपरेशन कवच की शुरुआत की है। इसमें इन सभी को शामिल किया गया है।
एसएसबी भी इन गांवों के युवाओं को दे रही ट्रेनिंग
नेपाल बार्डर की सुरक्षा में एसएसबी जवान तैनात हैं। एसएसबी लगातार पेट्रोलिंग करती रहती है। हालांकि बार्डर से सटे गांव अब भी विकास में पीछे हैं। इन गांवों के विकास के लिए सरकार लगातार योजनाएं चला रही है जबकि एसएसबी भी नजर रखे हुए है। बार्डर के इन गांवों के युवा अवैध गतिविधियों में शामिल न हों इसके लिए एसएसबी युवाओं को चिन्हित कर रोजगारपरक प्रशिक्षण दे रही है। इतना ही नहीं, सेना में भर्ती के इच्छुक गांव के युवाओं को जानकारियां देने के साथ ही उनका हौसला भी बढ़ा रही है। इसका मकसद यह है कि युवा अवैध गतिविधियों में शामिल न हों और वह रोजगार से जुड़कर तरक्की की राह पर चल सकें।




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