सपा के गढ़ में शक्ति प्रदर्शन करेगी सुभासपा, ओपी राजभर के साथ योगी के कई मंत्री भरेंगे हुंकार
सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर रविवार को आजमगढ़ के अतरौलिया में 'सामाजिक समरसता रैली' करेंगे। एनडीए के इस शक्ति प्रदर्शन में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और कई वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे। 2022 में सपा ने यहाँ की सभी 10 सीटें जीती थीं, जिसे अब राजभर चुनौती देने की तैयारी में हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्वांचल का चेहरा माने जाने वाले सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर आगामी रविवार को आजमगढ़ में एक विशाल जनसभा करने जा रहे हैं। इसे 'सामाजिक समरसता रैली' का नाम दिया गया है। मिशन 2027 के मद्देनजर सुभासपा का यह शक्ति प्रदर्शन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि आजमगढ़ लंबे समय से समाजवादी पार्टी का सबसे मजबूत गढ़ रहा है।
दसों सीटों पर सपा का कब्जा, अब सुभासपा की चुनौती
आजमगढ़ जिले का सियासी इतिहास देखें तो वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में यहाँ की सभी 10 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। दिलचस्प बात यह है कि उस समय ओम प्रकाश राजभर अखिलेश यादव के साथ गठबंधन में थे और राजभर वोटों के ध्रुवीकरण ने सपा की इस क्लीन स्वीप में बड़ी भूमिका निभाई थी। अब राजभर एनडीए खेमे में हैं और उनका लक्ष्य उन्हीं सीटों पर सेंध लगाकर भाजपा गठबंधन को मजबूती प्रदान करना है।
दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर के अनुसार, यह महारैली अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के जनता इंटर कॉलेज, अहिरौला में आयोजित होगी। इस रैली की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत एनडीए घटक दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मंत्रियों की यह मौजूदगी संकेत है कि भाजपा और सुभासपा मिलकर पिछड़ों और अति-पिछड़ों को साधने की बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं।
पूर्वांचल में शक्ति प्रदर्शन और मिशन 2027
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (2027) से पहले ओम प्रकाश राजभर यह साबित करना चाहते हैं कि पूर्वांचल के राजभर और अन्य पिछड़ी जातियों के वोट बैंक पर उनकी पकड़ आज भी बरकरार है। अतरौलिया की इस रैली के जरिए सुभासपा का इरादा सपा के 'एम-वाई' (M-Y) समीकरण के जवाब में एक नया सामाजिक समीकरण तैयार करना है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने रैली को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर जनसंपर्क तेज कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि राजभर आजमगढ़ जैसे दुर्ग में भीड़ जुटाने में सफल रहते हैं, तो यह आने वाले चुनाव में पूर्वांचल की कई सीटों पर सपा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र विशेष रूप से पिछड़ों की राजनीति का केंद्र रहा है। यदि राजभर यहाँ भीड़ जुटाने और अपने समाज को एनडीए के पक्ष में एकजुट करने में सफल रहते हैं, तो यह सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के वोट बैंक में बड़ी गिरावट का कारण बन सकता है।




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