गरीबों की पीठ पर यादवों की लाठी के निशान, अखिलेश पर ओपी राजभर का तीखा पलटवार
कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि सपा ने हमेशा गैर-यादव ओबीसी का हक मारा है और गरीबों पर लाठियां भांजी हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातिगत अस्मिता और हक की लड़ाई अब बेहद व्यक्तिगत और हमलावर मोड़ पर पहुँच गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। राजभर ने सपा की राजनीति को 'दमनकारी' बताते हुए कहा कि गरीबों की पीठ पर आज भी यादवों की लाठी के निशान मौजूद हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ा 'इतिहास' का युद्ध
सीमा राजभर को सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से सुभासपा और सपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राजभर ने 'एक्स' पर कई तीखे सवाल दागे। उन्होंने लिखा, "गैर-यादव ओबीसी समाज को उनका हक आखिर कब मिलेगा? वोट हमारा, राज तुम्हारा! तुम हमसे दंगे करवाओ, हमें लोगों से लड़वाओ और ओबीसी समाज का नारा दोगे।"
राजभर ने यादव समाज के ऐतिहासिक संदर्भों पर भी विवादित टिप्पणी करते हुए कहा, "इतिहास में तुम्हारा कहीं कोई नाम नहीं मिलता। पहले मुगलों और अंग्रेजों की सेना में सिपाही बनकर हमें मारते थे, और अब हमें एक-दूसरे से लड़ाकर राजनीतिक रूप से मार रहे हो। हमारा इतिहास महाराजा सुहेलदेव राजभर और रानी अवंती बाई लोधी का है।" ओपी राजभर ने कहा कि वे अब अखिलेश यादव की सत्ता के लिए 'दरी बिछाने' का काम नहीं करेंगे।
दरअसल समाजवादी पार्टी ने ओपी राजभर की सहयोगी रही सीमा राजभर को पिछले ही दिनों बहुत बड़ी जिम्मेदारी देते हुए सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया है। सीमा की तैनाती के बाद से पूरी सुभासपा लगातार सपा पर हमलावर है। गाजीपुर मामले पर ओपी राजभर ने जब अखिलेश पर हमला किया तो सपा प्रमुख ने कह दिया कि इसका जवाब सीमा राजभर देंगी। यही नहीं, गाजीपुर में युवती की मौत के मामले में सीमा राजभर को ही अखिलेश ने उनके घर भेज दिया। इसी के बाद सुभासपा का हमला अब और तेज हो गया है।
विधानसभा में भी दिखाया रौद्र रूप
राजभर केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि विधानसभा के भीतर भी उन्होंने सपा जमकर हमले किए। विपक्ष द्वारा आरक्षण की तख्तियां दिखाने पर उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि जब सपा सरकार में थी, तब आरक्षण बिल क्यों नहीं पास किया गया? गाजीपुर मामले को लेकर राजभर ने कहा कि सपा केवल हंगामा कर रही है, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाराबंकी और देवरिया जैसी जगहों पर जहां आरोपी सपा के 'सजातीय' लोग थे, वहां इनका कोई प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिलने नहीं गया।




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