यूपी में गजब हो गया, एक ही आदमी एक साथ छह जिलों में नौकरी करते मिला; लेता रहा सैलरी
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा 403 एक्सरे टेक्नीशियन अभ्यर्थियों को सफल घोषित करते हुए। चयनित अभ्यर्थियों की सूची में क्रमांक संख्या 80 पर अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह का नाम था। यह शख्स एक साथ छह जिलों में नौकरी करते मिला है।

उत्तर प्रदेश में गजब हो गया है। यहां अर्पित सिंह नाम का एक शख्स एक ही पहचान के साथ छह जिलों में एक साथ नौकरी करते मिला है। पिछले नौ साल से वह ये कर रहा था और सैलरी भी ले रहा था। अब पता चल रहा है कि अलग-अलग आधार नंबरों के जरिए उसने यह फर्जीवाड़ा किया। यह शख्स स्वास्थ्य विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर था जिसकी सैलरी करीब 69 हजार रुपए हर महीने है। इस हिसाब से अनुमान लगाया जा रहा है कि नौ साल में छह जगह नौकरी करके वह करीब साढ़े करोड़ रुपए सैलरी ले चुका होगा। हैरान करने वाली बात है कि एक शख्स नौ साल तक यह कारनामा करता रहा और किसी को कानों कान इसकी खबर नहीं हुई।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वर्ष 2016 में एक्सरे टेक्निशन के पदों पर हुई भर्ती के फर्जीवाड़े में लखनऊ के वजीरगंज थाने में आठ सितम्बर को मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय की निदेशक पैरामेडिकल डॉ. रंजना खरे ने दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक पैरामेडिकल निदेशक डॉ. रंजना खरे ने अपनी तहरीर में लिखा कि वर्ष 2016 में एक्सरे टेक्निशयन की भर्ती हुई थी। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा 403 एक्सरे टेक्नीशियन अभ्यर्थियों को सफल घोषित करते हुए। सूची उपलब्ध कराई गई थी। सूची में क्रमांक संख्या 80 पर अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह का नाम था। इसी नाम से छह अन्य लोगों द्वारा फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कथित रूप से अर्पित सिंह के नाम से विभिन्न जनपदों में नियुक्ति प्राप्त कर ली।
फर्जीवाड़ा कर एक नाम से इन जनपदों में नियुक्ति
-अर्पित सिंह पुत्र अनिल सिंह, निवासी आगरा प्रतापनगर शाहगंज की नियुक्त जनपद बलरामपुर में
- अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह, निवासी आगरा प्रतापनगर शाहगंज, नियुक्ति जनपद फर्रुखाबाद
-अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह, निवासी आगरा प्रतापनगर शाहगंज, नियुक्ति जनपद रामपुर
-अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह, निवासी आगरा प्रतापनगर शाहगंज, नियुक्ति जनपद बांदा
-अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह, निवासी मैनपुरी कुरावली, खुमानी नगला, नियुक्ति अमरोहा
- अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह, निवासी आगरा, नियुक्ति जनपद शामली।
आसान नहीं वसूली
जानकारों का कहना है कि इस मामले में ली गई सैलरी की वसूली आसान नहीं होगी। जिन आधार कार्ड से नौकरी मिली हो सकता है वे फर्जी होंगे। जिन बैंक खातों में सैलरी गई हो सकता है वे भी फर्जी दस्तावेजों से खोले गए हों। भर्ती के नौ साल हो चुके हैं। अब तक कई अधिकारी सेवानिवृत हो चुके होंगे। इस वजह से इसकी जिम्मेदारी तय करना भी आसान नहीं होगा। जानकारों का कहना है कि इस मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया चल सकती है।




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