Om Prakash Rajbhar formed his own RSS, uniform and carrying a stick; also holding rank of Commander CO in army ओपी राजभर ने बनाई अपनी 'आरएसएस', वर्दी, हाथों में डंडा; सेना में कमांडर, सीओ-इंस्पेक्टर पद भी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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ओपी राजभर ने बनाई अपनी 'आरएसएस', वर्दी, हाथों में डंडा; सेना में कमांडर, सीओ-इंस्पेक्टर पद भी

ओमप्रकाश राजभर ने अपनी आरएसएस बनाई है। राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना। सेना केवल नाम से नहीं है, बल्कि वह बावर्दी है। कंधे पर सितारे हैं, छाती पर बैज है, बैरेट कैप लगाए सेना के जवाब हाथों में स्टिक भी लिए हैं।

Wed, 10 Dec 2025 08:48 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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ओपी राजभर ने बनाई अपनी 'आरएसएस', वर्दी, हाथों में डंडा; सेना में कमांडर, सीओ-इंस्पेक्टर पद भी

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी 'आरएसएस' खड़ी कर दी है। यह आरएसएस है, राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना। सेना केवल नाम से नहीं है, बल्कि वह बावर्दी है। कंधे पर सितारे हैं, छाती पर बैज है, बैरेट कैप लगाए सेना के जवाब हाथों में स्टिक भी लिए हैं। कंधे पर सितारे उनकी रैंक के हिसाब से होंगे। सेना कमांडर, सीओ और इंस्पेक्टर पद भी है। बकौल ओम प्रकाश राजभर, गांवों के युवाओं को कौशल विकास के रास्ते पर ले जाने में यह सेना सहयोग करेगी।

सुभासपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर कहते हैं कि पहले भी सुहेलदेव सेना बनाई गई थी, लेकिन तब लोगों को वर्दी नहीं दी गई थी। पीला गमछा और पीली टीशर्ट पहनकर लोग चल रहे थे। अब हम इन्हें आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर रहे हैं। इन्हें वर्दी दे रहे हैं। सभी को पार्टी की तरफ से आईकार्ड जारी किए जा रहे हैं। नीली वर्दीधारी सेना के लोगों को कमांडर, सीओ, डीएसपी, एसआई और इंस्पेक्टर जैसे पदनाम दिए गए हैं। इसी ओहदे के मुताबिक कंधे पर सितारों की संख्या कम और ज्यादा होती जाएगी। अरुण कहते हैं कि हम चाहते हैं कि युवा गुमराह न हों और उनकी क्षमता का विकास करके उन्हें सही रास्ते पर ले जाया जाए, इसके लिए यह सेना काम करेगी।

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22 जिलों में शुरुआत, एक लाख का लक्ष्य

ओम प्रकाश राजभर कहते हैं कि गांवों में 18 से 25 साल की उम्र के तमाम युवा ऐसे हैं, जिन्हें यह ही नहीं पता कि वे आगे क्या करेंगे। हम इस सेना के माध्यम से ऐसे युवाओं को प्रशिक्षित करवाएंगे। रिटायर्ड पीसीएस, आईएएस, लेखपाल, एसआई, समेत अन्य लोगों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित करवाया जाएगा। अभी 22 जिलों में शुरुआत की गई है और इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। सेना में एक लाख लोग शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

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