MLA का फोन नहीं उठाने पर सरकार सख्त; अफसरों से बात कराने को हर जिले में कमांड सेंटर बनेगा
यूपी में सांसद, विधायकों के फोन न उठाना अब अधिकारियों को महंगा पड़ेगा। संवाद सेतु ऐप बनाने जा रही है। जो जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कराएगा। हर जिलों में इसके लिए जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर (डीसीसीसी) बनाया जाएगा।

यूपी में सांसद, विधायकों व जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाना अब अधिकारियों को महंगा पड़ेगा। किसी माननीय का फोन आने के 10 मिनट तक अगर अधिकारी वापस कॉल नहीं करेगा तो तत्काल उसे कमांड सेंटर से अलर्ट भेजा जाएगा। अधिकारी को तत्काल कॉल बैक कर बात करनी होगी। योगी सरकार इसके लिए संवाद सेतु ऐप बनाने जा रही है। जो जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कराएगा। हर जिलों में इसके लिए जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर (डीसीसीसी) बनाया जाएगा।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि 25 फरवरी से पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में तीन जिलों से इसकी शुरुआत होगी। उन्होंने हरदोई, गाजियाबाद व कन्नौज से इसकी शुरुआत किए जाने को लेकर बुधवार को इन तीनों जिलों के डीएम के साथ ऑनलाइन मीटिंग भी की। संवाद सेतु ऐप की मदद से संपर्क कर जनहित के कार्य विधायक अधिकारियों को बताएंगे और उन्हें उसका निस्तारण करना होगा। जिलों में इसके लिए जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर (डीसीसीसी) बनाया जाएगा। जिसमें तीन प्रशिक्षित ऑपरेटर व स्मार्ट सॉफ्टवेयर के माध्यम से हर कॉल पर नजर रखी जाएगी।
अधिकारियों की कार्यशैली व जनप्रतिधिनियों के सम्मान के बीच संतुलन स्थापित किया जाएगा। विधानसभा में विधायकों ने अधिकारियों के फोन न उठाए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। जिसका अब स्थाई हल करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया जा रहा है। तकनीकी के माध्यम से प्रभावी निगरानी व कॉल का डाटा भी सुरक्षित रखा जाएगा। अधिकारियों की उपलब्धता यानी ड्यूटी, अवकाश व प्रशिक्षण का रियल टाइम डाटा उपलब्ध होगा।
अधिकारी अवकाश तो वैकल्पिक व्यवस्था
कोई भी अधिकारी अगर अवकाश पर है तो उनका चार्ज लेने वाले अधिकारी का मोबाइल नंबर कमांड सेंटर की मदद से तत्काल विधायकों को दिया जाएगा और वह उस पर संपर्क कर अधिकारियों को क्षेत्र के काम से संबंधित निर्देश देंगे। उन्हें जनप्रतिनिधियों की ओर से बताए गए कार्य का निस्तारण करना होगा।




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