No entry for relatives in UP local body meetings, Yogi government strict on proxy representation निकायों की बैठकों में रिश्तेदारों की नो एंट्री, प्रॉक्सी रिप्रेजेंटेशन पर योगी सरकार सख्त, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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निकायों की बैठकों में रिश्तेदारों की नो एंट्री, प्रॉक्सी रिप्रेजेंटेशन पर योगी सरकार सख्त

यूपी में नगर निकायों की बैठक को लेकर योगी सरकार ने सख्त कदम उठाया है। निकायों की बैठकों में रिश्तेदारों की नो एंट्री रहेगी। प्रॉक्सी रिप्रेजेंटेशन यानी चुने हुए प्रतिनिधियों की जगह उनके परिजनों या अन्य व्यक्तियों के बैठकों में शामिल होने की प्रथा पर रोक लग गई है।

Tue, 28 Oct 2025 08:32 AMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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निकायों की बैठकों में रिश्तेदारों की नो एंट्री, प्रॉक्सी रिप्रेजेंटेशन पर योगी सरकार सख्त

यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाया है। योगी सरकार ने प्रॉक्सी रिप्रेजेंटेशन (Proxy Representation) यानी चुने हुए प्रतिनिधियों की जगह उनके परिजनों या अन्य व्यक्तियों के बैठकों में शामिल होने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) से एक पत्र मिलने के बाद शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने हाल ही में डिविजनल कमिश्नरों, जिला मजिस्ट्रेटों, नगर आयुक्तों और नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कार्यकारी इंजीनियरों को लिखा है। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने अपने पत्र में राज्य सरकार को इस प्रथा पर अंकुश लगाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए "प्रभावी" उपाय करने का निर्देश दिया था। एनएचआरसी ने राज्य सरकार को इस प्रथा पर रोक लगाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए "प्रभावी" उपाय करने का निर्देश दिया था।

2012 में जारी एक सरकारी आदेश का संज्ञान लेते हुए निदेशालय ने अधिकारियों को याद दिलाया कि निर्वाचित या पदेन महिला पदाधिकारी अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का व्यक्तिगत रूप से और स्वतंत्र रूप से पालन करें।

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सरकार ने यह साफ कर दिया है कि स्थानीय निकायों के कामकाज में इन प्रतिनिधियों की ओर से किसी भी रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति को दखल देने या काम करने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय निकाय कुशलता से काम करें, नियमों के अनुसार जनहित में नीतिगत फैसले लें, और संबंधित अधिनियमों के प्रावधानों का सख्ती से पालन करें।

निर्देश में आगे कहा गया है कि यह नियम पुरुष पदाधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होता है, क्योंकि परिवार का कोई सदस्य या कोई अन्य व्यक्ति नगर पालिका के प्रशासनिक मामलों में दखल देने या उनकी ओर से काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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